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नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की… भैरोगंज में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर भक्तिरस में डूबा पंडाल

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Dainik Yashonnati / Jan 09, 2026 04:26 pm / Post views : 165

नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की… भैरोगंज में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर भक्तिरस में डूबा पंडाल
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नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की… भैरोगंज में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर भक्तिरस में डूबा पंडाल

सिवनी | धार्मिक संवाददाता

उपनगरीय क्षेत्र भैरोगंज स्थित द बीकान स्कूल ग्राउंड, परतापुर रोड पर आयोजित भागवत कथा एवं द्वादश ज्योतिर्लिंग माहात्म्य के चतुर्थ दिवस पर श्रीकृष्ण जन्मोत्सव श्रद्धा, उल्लास और भक्ति भाव के साथ भव्य रूप से मनाया गया। [caption id="attachment_39999" align="alignnone" width="225"]सिवनी भैरोगंज में श्रीकृष्ण जन्म कथा के दौरान भक्तों की भीड़ भैरोगंज में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर भक्ति में लीन श्रद्धालु[/caption] इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। कथा व्यास आचार्य शुभम कृष्ण शास्त्री (छोटे सरकार), श्रीधाम वृंदावन ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की दिव्य लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। [caption id="attachment_39999" align="alignnone" width="225"]सिवनी भैरोगंज में श्रीकृष्ण जन्म कथा के दौरान भक्तों की भीड़ भैरोगंज में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर भक्ति में लीन श्रद्धालु[/caption]

अहंकार ही मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु : आचार्य शुभम कृष्ण शास्त्री

कथा के दौरान आचार्य शुभम कृष्ण शास्त्री ने कहा कि मनुष्य को कभी अहंकार नहीं करना चाहिए, क्योंकि अहंकार बुद्धि और ज्ञान का हरण कर लेता है। अहंकार ही मानव जीवन का सबसे बड़ा शत्रु है। उन्होंने बताया कि जब अत्याचारी कंस के पापों से धरती डोलने लगी, तब भगवान श्रीकृष्ण को अवतार लेना पड़ा। माता देवकी की व्यथा और भगवान की रहस्यमयी लीलाओं का अत्यंत मार्मिक वर्णन किया गया।

श्रीकृष्ण जन्म होते ही टूटे कारागार के बंधन

कथावाचक ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण के जन्म लेते ही कारागार के सभी बंधन टूट गए, पहरेदार निद्रा में चले गए और भगवान योगमाया की लीला से गोकुल पहुंच गए। उन्होंने कहा — “जब-जब धरती पर धर्म की हानि और अधर्म की वृद्धि होती है, तब-तब भगवान धर्म की स्थापना के लिए अवतार लेते हैं।”

जयकारों से गूंजा पंडाल, फूलों की वर्षा और भक्ति नृत्य

जैसे ही कथा में श्रीकृष्ण जन्म का प्रसंग आया, पूरा पंडाल “नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने फूलों की वर्षा की, बाल गोपाल का पालना झुलाया, भजन-कीर्तन पर नृत्य करते हुए भक्ति में लीन हो गए। आकर्षक झांकियों और विशेष साज-सज्जा ने जन्मोत्सव की भव्यता को और बढ़ा दिया।

द्वादश ज्योतिर्लिंग माहात्म्य का भी हुआ वर्णन

कथा के दौरान द्वादश ज्योतिर्लिंग माहात्म्य का भी प्रेरक और भावनात्मक वर्णन किया गया। कार्यक्रम के अंत में विशेष महाआरती एवं प्रसाद वितरण किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पुण्य लाभ अर्जित किया। समूचा वातावरण भक्तिरस, आनंद और आध्यात्मिक उल्लास से ओतप्रोत बना रहा।