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सिवनी की 52 गौशालाओं में 7905 गौवंश, 1682 की स्वाभाविक मृत्यु

सिवनी जिले की 52 गौशालाओं में गौवंश मृत्यु पर विधानसभा में स्थिति स्पष्ट

सिवनी की 52 गौशालाओं में 7905 गौवंश, 1682 की स्वाभाविक मृत्यु
— विधानसभा में मंत्री का स्पष्ट जवाब

सिवनी गौशाला गौवंश मृत्यु को लेकर विधानसभा सत्र के दौरान स्थिति स्पष्ट की गई। सिवनी जिले की पंजीकृत गौशालाओं में उपलब्ध गौवंश और उनकी मृत्यु के आंकड़ों पर सरकार ने आधिकारिक जवाब प्रस्तुत किया।

सिवनी जिले में संचालित 52 पंजीकृत गौशालाओं में वर्तमान में 7905 गौवंश उपलब्ध हैं,
जबकि वर्ष 2025-26 के दौरान 1682 गौवंश की स्वाभाविक मृत्यु हुई है।
यह जानकारी विधानसभा सत्र के दौरान पूछे गए प्रश्न के उत्तर में दी गई।

Seoni 20 February 2026
सिवनी यशो:- मध्यप्रदेश विधानसभा के जारी सत्र के दौरान सिवनी विधानसभा क्षेत्र से विधायक दिनेश राय मुनमुन द्वारा जिले में संचालित पंजीकृत गौशालाओं, उपलब्ध गौवंश एवं मृत्यु के मामलों को लेकर प्रश्न किया गया था।

सिवनी गौशाला गौवंश मृत्यु पर विधानसभा में स्थिति स्पष्ट

विधायक द्वारा पूछे गए इस प्रश्न के उत्तर में राज्य सरकार की ओर से लखन पटेल, राज्यमंत्री पशुपालन एवं डेयरी (स्वतंत्र प्रभार) ने विधानसभा पटल पर स्थिति स्पष्ट की।

राज्यमंत्री श्री पटेल ने अपने उत्तर में बताया कि सिवनी जिले में कुल 52 पंजीकृत गौशालाएं संचालित हैं, जिनमें वर्तमान में 7905 गौवंश सुरक्षित रूप से व्यवस्थापित हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि वर्ष 2025-26 के दौरान 1682 गौवंश की मृत्यु हुई है, लेकिन यह मृत्यु किसी भी गौशाला संचालक की लापरवाही के कारण नहीं, बल्कि स्वाभाविक व प्राकृतिक कारणों से हुई है।

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मंत्री ने क्यों बताया मृत्यु को स्वाभाविक

राज्यमंत्री लखन पटेल ने सदन में स्पष्ट किया कि गौशालाओं में जिन पशुओं को रखा जाता है, वे प्रायः

  • वृद्ध,

  • अशक्त,

  • गंभीर रूप से बीमार,

  • अथवा दुर्घटनाग्रस्त होते हैं,

ऐसी स्थिति में प्राकृतिक मृत्यु की संभावना बनी रहती है। इसी कारण इन मौतों को प्रशासनिक या प्रबंधनगत लापरवाही से जोड़ना उचित नहीं है।

विधानसभा में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार सिवनी गौशाला गौवंश मृत्यु के सभी मामले स्वाभाविक कारणों से जुड़े हैं, न कि किसी लापरवाही से।

अनुदान और व्यवस्थापन पर भी दिया विवरण

मंत्री ने यह भी बताया कि सिवनी जिले की 52 गौशालाओं को वर्ष 2025-26 से अब तक 6,71,99,120 की अनुदान राशि प्रदान की जा चुकी है।
निराश्रित गौवंश का व्यवस्थापन स्थानीय निकायों द्वारा सतत प्रक्रिया के तहत किया जाता है और आवश्यकता व क्षमता के अनुसार गौवंश को गौशालाओं में रखा जाता है।

सरकार ने स्पष्ट किया कि सिवनी गौशाला गौवंश मृत्यु को लेकर फैल रही भ्रांतियों का तथ्यात्मक खंडन किया जाना आवश्यक है।

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 सड़क पर घूम रहे पशुओं को लेकर स्थिति

विधानसभा में यह भी स्पष्ट किया गया कि सड़कों पर घूमते दिखाई देने वाले पशु अधिकांशतः स्थानीय पालकों के होते हैं, जिन्हें घर पर रखने के लिए समझाइश दी जाती है।
बीसवीं पशु संगणना के अनुसार जहां पहले सिवनी जिले में 1307 निराश्रित गौवंश थे, वहीं अब 7905 निराश्रित गौवंश गौशालाओं में सुरक्षित हैं।

https://ndtv.in/madhya-pradesh-chhattisgarh/starving-cows-satna-neglect-goshala-mp-news-10972859

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