छींदा में ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान शिविर में उठाया था मुद्दा, पंचायत की मुनादी के बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर सवाल
केवलारी/सिवनी यशो :- ग्राम पंचायत छींदा में पेयजल संकट की आशंका के बीच नल-जल योजना के कुएं के पास स्थित नाले के पानी से सिंचाई किए जाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत द्वारा नाले और तालाब के पानी का सिंचाई के लिए उपयोग करने पर रोक लगाए जाने तथा मुनादी कराए जाने के बावजूद कुछ किसान कथित तौर पर सिंचाई मोटरें चलाकर पानी का उपयोग कर रहे हैं। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि इसी तरह पानी का उपयोग जारी रहा, तो आगामी गर्मी में गांव में पेयजल की समस्या गंभीर हो सकती है।
जानकारी के अनुसार, 16 अक्टूबर 2026 को ग्राम छींदा में आयोजित मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान शिविर में ग्रामीणों और नल-जल योजना के उपभोक्ताओं ने इस संबंध में आवेदन दिया था। आवेदन में मांग की गई थी कि नल-जल योजना के कुएं के पास नाले में लगाई गई सिंचाई मोटरों को हटाया जाए, ताकि पेयजल के स्रोत पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
ग्रामीणों का कहना है कि वर्तमान में नाले में पानी बहने के कारण पंचायत के कुएं में पर्याप्त पानी उपलब्ध है। लेकिन सिंचाई के लिए लगातार पानी निकालने से जलस्तर प्रभावित होने की आशंका है। उनका दावा है कि पिछले वर्ष भी गांव में पेयजल की गंभीर समस्या उत्पन्न हुई थी। इसी अनुभव को देखते हुए ग्रामीण चाहते हैं कि प्रशासन समय रहते आवश्यक कदम उठाए।
मुनादी के बाद भी मोटरें चलने का आरोप
ग्रामीणों के अनुसार, ग्राम पंचायत ने ग्राम कोटवार के माध्यम से मुनादी कराकर कुएं के पास स्थित नाले से सिंचाई के लिए पानी लेने पर रोक संबंधी सूचना दी थी। इसके बावजूद सिंचाई मोटरों के संचालन की शिकायतें सामने आ रही हैं।
ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से मौके का निरीक्षण कराने, प्रतिबंध के पालन की जांच करने तथा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि पेयजल का स्रोत गांव के लोगों की बुनियादी जरूरत से जुड़ा है, इसलिए इसकी सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
आठ किसानों के नामों को लेकर शिकायत
शिकायतकर्ता प्रदीप राय द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी में सिंचाई मोटर चलाने के आरोप के संबंध में आठ किसानों के नाम दिए गए हैं। इनमें सुंदर पिता विपतलाल यादव, राजकुमार पिता गुलाब यादव, भरत पिता इमरत लाल राय, अजय पिता रेवाराम मेहरा, श्याम पिता माहू यादव, ईश्वरीय पिता तेजलाल राय, उमेश पिता अशोक राय और जगदीश पिता मंगलू झारिया शामिल हैं।
हालांकि, इन व्यक्तियों द्वारा नियमों का उल्लंघन किए जाने और उनके विरुद्ध कार्रवाई योग्य स्थिति होने की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित किसानों का पक्ष भी उपलब्ध नहीं है। इसलिए आरोपों की आधिकारिक जांच और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया के बाद ही जिम्मेदारी निर्धारित की जा सकती है।
गर्मी से पहले कार्रवाई की मांग
ग्राम छींदा के ग्रामीणों ने मांग की है कि ग्राम पंचायत और प्रशासन नल-जल योजना के कुएं तथा आसपास के जलस्रोतों की स्थिति का निरीक्षण करें। यदि प्रतिबंध के बावजूद सिंचाई मोटरों का संचालन पाया जाता है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी आने के बाद पेयजल संकट उत्पन्न होने पर व्यवस्था करना कठिन हो सकता है। ऐसे में समय रहते जलस्रोतों की सुरक्षा और पानी के उचित उपयोग को सुनिश्चित करना आवश्यक है।
अब देखना यह है कि ग्राम पंचायत छींदा और संबंधित प्रशासनिक अधिकारी ग्रामीणों की शिकायत पर क्या कदम उठाते हैं और गांव की पेयजल व्यवस्था को सुरक्षित रखने के लिए क्या व्यवस्था की जाती है।