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सड़क किनारे गहरा गड्ढा : हादसा हुआ तो जिम्मेदार कौन? PWD की लापरवाही से खतरे में राहगीरों की जान

Dainik Yashonnati

Dainik Yashonnati / Oct 19, 2026 04:57 am / Post views : 13

हादसा हुआ तो जिम्मेदार कौन? PWD की लापरवाही से खतरे में राहगीरों की जान
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केवलारी–उगली मार्ग के मोहबर्रा में गायत्री मंदिर के पास पुलिया की मिट्टी धंसने से बना खतरनाक गड्ढा, चेतावनी के लिए लगाई गई पीली पट्टी भी गायब; विभाग ने जल्द मरम्मत का दिया आश्वासन

Seoni, 19 October 2026

सिवनी / केवलारी यशो:- सड़क पर बने गड्ढे ही नहीं, बल्कि सड़क किनारे और पुलिया के पास बने गहरे गड्ढे भी जानलेवा साबित हो सकते हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार विभागों की ओर से समय पर मरम्मत नहीं होना गंभीर सवाल खड़े करता है। सिवनी जिले के केवलारी विकासखंड में केवलारी से उपतहसील उगली जाने वाले मार्ग पर स्थित ग्राम मोहबर्रा में गायत्री मंदिर के पास सड़क की पटरी पर बना गहरा गड्ढा राहगीरों के लिए खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत के बाद भी गड्ढे की स्थायी मरम्मत नहीं की गई है।

बारिश में धंसी पुलिया की मिट्टी, अब तक नहीं हुई मरम्मत

प्राप्त जानकारी के अनुसार, केवलारी से उगली तक जाने वाले मुख्य मार्ग का निर्माण लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा कराया गया था। ग्राम मोहबर्रा में गायत्री मंदिर के पास सड़क किनारे पटरी पर बारिश के दौरान पुलिया के नीचे की मिट्टी खिसकने से गहरा गड्ढा बन गया। बारिश का मौसम बीतने के बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ है।

सड़क के किनारे बना यह गड्ढा वाहन चालकों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहा है। विशेषकर रात के समय या कम दृश्यता की स्थिति में वाहन चालकों को इसकी गहराई और वास्तविक स्थिति का अंदाजा लगाना मुश्किल हो सकता है। यदि कोई वाहन सड़क से नीचे उतरता है, तो दुर्घटना की आशंका बढ़ सकती है।

पीली पट्टी भी नहीं रोक पा रही खतरा

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, गड्ढे की जानकारी दूरभाष के माध्यम से लोक निर्माण विभाग के जिम्मेदार कर्मचारियों को दी गई थी। आरोप है कि स्थायी मरम्मत करने के बजाय गड्ढे के आसपास लोगों को सतर्क करने के लिए पीली पॉलीथिन की पट्टी लगाई गई थी। हवा के कारण यह पट्टी भी टूटकर उड़ गई और गड्ढा बिना किसी प्रभावी चेतावनी के बना हुआ है।

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क किनारे बने ऐसे खतरनाक स्थान पर केवल अस्थायी संकेत लगाना पर्याप्त नहीं है। जब तक पुलिया और सड़क की पटरी की मरम्मत नहीं होती, तब तक दुर्घटना का जोखिम बना रहेगा।

ग्रामीण अली भाईजान ने जताई दुर्घटना की आशंका

मोहबर्रा निवासी अली भाईजान ने बताया कि सड़क किनारे बना गड्ढा किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है। उनके अनुसार, यदि दो बड़े वाहन आमने-सामने आ जाएं या किसी छोटे वाहन को रास्ता देने के दौरान कोई वाहन सड़क से नीचे उतर जाए, तो हादसा होने की आशंका है।

उन्होंने बताया कि ग्रामीण अपने स्तर पर पत्थर, बांस और पन्नी की झंडी लगाकर वाहन चालकों को दूर से खतरे का संकेत देने का प्रयास करते हैं, ताकि लोग सावधानी बरत सकें। हालांकि, स्थानीय लोगों के ऐसे प्रयास स्थायी समाधान का विकल्प नहीं हो सकते।

विभागीय कर्मचारी ने माना, बारिश में खिसकी थी मिट्टी

इस संबंध में विभागीय कर्मचारी बी.एस. परतेती ने बताया कि बारिश के दौरान पुलिया के नीचे की मिट्टी खिसकने से सड़क के निकट गड्ढा बन गया है। उन्होंने इसे शीघ्र मरम्मत कर ठीक कराने का आश्वासन दिया है।

अब सवाल यह है कि जब गड्ढे की जानकारी विभाग तक पहुंच चुकी है, तो उसकी मरम्मत कब तक पूरी होगी? क्या किसी दुर्घटना के बाद ही जिम्मेदार विभाग पूरी तरह सक्रिय होंगे, या समय रहते इस खतरे को दूर किया जाएगा?

सवाल बरकरार: हादसे से पहले जागेगा विभाग?

सड़क और पुलिया का रखरखाव संबंधित विभाग की जिम्मेदारी के दायरे में आता है। मोहबर्रा में बने गड्ढे की स्थिति को देखते हुए आवश्यक है कि स्थल का तत्काल निरीक्षण कर उचित सुरक्षा संकेतक लगाए जाएं और पुलिया के नीचे की मिट्टी तथा सड़क की पटरी की तकनीकी जांच के बाद स्थायी मरम्मत कराई जाए।

ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि गड्ढे को जल्द भरकर पुलिया और सड़क किनारे की पटरी दुरुस्त की जाए, ताकि किसी संभावित दुर्घटना को रोका जा सके और राहगीर सुरक्षित आवागमन कर सकें।

अब देखना यह है कि विभागीय आश्वासन कितनी जल्दी जमीन पर उतरता है। आमजन की सुरक्षा के लिए जरूरी है कि कार्रवाई दुर्घटना होने के बाद नहीं, बल्कि खतरे की जानकारी मिलते ही की जाए।

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