पांडीवाड़ा राशन दुकान का मामला: फिंगरप्रिंट लेने के बाद भी जुलाई से सितंबर तक का राशन नहीं मिलने का आरोप, सेल्समैन ने वाहन नहीं आने को बताया वजह
उगली यशो :-जनपद पंचायत केवलारी की उपतहसील उगली अंतर्गत ग्राम पंचायत पांडीवाड़ा स्थित शासकीय राशन दुकान में तीन माह का राशन नहीं मिलने को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी सामने आई है। कोपीझोला, रतनपुर, ढुढवा, पीपरदौन, हिर्री टोला और पांडीवाड़ा के ग्रामीणों ने जुलाई से सितंबर तक का राशन नहीं मिलने की शिकायत करते हुए विरोध जताया। ग्रामीणों का आरोप है कि विरोध के दौरान सेल्समैन देवेंद्र कुशराम दुकान में ताला लगाकर चले गए।
ग्रामीणों ने दूरभाष पर बताया कि जुलाई, अगस्त और सितंबर माह के राशन वितरण के लिए उनके फिंगरप्रिंट पहले ही लिए जा चुके हैं। उनका कहना है कि संबंधित महीनों का राशन उनके नाम पर जारी होना बताया जा रहा है, लेकिन जब वे राशन लेने दुकान पहुंचे तो उन्हें खाद्यान्न उपलब्ध नहीं होने की जानकारी दी गई।
ग्रामीणों के अनुसार, सेल्समैन का कहना था कि जितना राशन उपलब्ध होगा, उतने ही हितग्राहियों को वितरित किया जाएगा। शेष लोगों को राशन नहीं मिल पाएगा। इस पर ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जब उनके फिंगरप्रिंट लिए जा चुके हैं और उनके नाम पर राशन जारी होने की बात कही जा रही है, तो उन्हें खाद्यान्न क्यों नहीं मिल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें इस संबंध में संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
वाहन नहीं आने से राशन वितरण प्रभावित होने की बात
यह मामला कार्यालय सेवा सहकारी समिति सरेखा से संबंधित पांडीवाड़ा राशन दुकान का है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से राशन वितरण की स्थिति की जांच कराने, खाद्यान्न की उपलब्धता और वितरण का हिसाब स्पष्ट करने तथा सभी पात्र हितग्राहियों को उनका राशन दिलाने की मांग की है।
सेल्समैन ने दी सफाई, वाहन का पट्टा टूटने से नहीं पहुंचा राशन
इस मामले में राशन दुकान के सेल्समैन देवेंद्र सिरसाम ने बताया कि गुरुवार सुबह 10 बजे राशन पहुंचाने वाला वाहन आने वाला था, लेकिन वाहन का पट्टा टूट जाने के कारण वह नहीं पहुंच सका। उन्होंने कहा कि वाहन एक-दो दिन में आने की संभावना थी।
सेल्समैन के अनुसार, कोपीझोला वन समिति में 105 हितग्राही हैं, जिनमें से लगभग 90 लोगों के फिंगरप्रिंट लिए जाते हैं। करीब 50 लोगों को राशन वितरित किया जा चुका था। राशन समाप्त हो जाने के बाद उन्होंने दुकान बंद कर दी और वहां से चले गए।
सेल्समैन ने यह भी दावा किया कि गुरुवार को सभी हितग्राहियों को राशन वितरित कर दिया गया।
जांच से स्पष्ट होगी वास्तविक स्थिति
ग्रामीणों की शिकायत और सेल्समैन के बयान के बीच राशन वितरण की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है। जुलाई से सितंबर तक के खाद्यान्न का आवंटन, वितरण रिकॉर्ड, ई-पॉस मशीन में दर्ज लेन-देन और शेष स्टॉक की जांच से पता चल सकेगा कि हितग्राहियों को निर्धारित मात्रा में राशन मिला या नहीं।
अब संबंधित खाद्य विभाग और सहकारी समिति की जिम्मेदारी है कि शिकायत की जांच कर स्थिति स्पष्ट करें, ताकि पात्र हितग्राहियों को उनके अधिकार का खाद्यान्न समय पर मिल सके।