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मिथ्यात्मक वायरल वीडियो मामलें में एफआईआर दर्ज

परसवाड़ा थाने में सोमवार को व्हाटसअप ग्रुप में मिथ्यात्मक वीडियो वायरल करने के मामलें में एफआईआर दर्ज की गई है

बालाघाट यशो:- परसवाड़ा थाने में सोमवार को व्हाटसअप ग्रुप में मिथ्यात्मक वीडियो वायरल (viral video) करने के मामलें में एफआईआर (FIR) दर्ज की गई है। ज्ञात हो कि व्यापारी संघ परसवाड़ा नाम के ग्रुप में मोबाइल नम्बर 9424662970 से एक वीडियो वायरल किया गया। जिसमें सीधे तौर पर निर्वाचन प्रक्रिया पर असर डालते हुए राजनीतिक पार्टी के कार्यक्रताओं के मध्य शत्रुता, घृणा तथा वैमनस्यता उत्पन्न करने का प्रयास किया गया है। थाने में मोबाइल नम्बर 9424662970 के धारक प्रथम दृष्टया भादवि की धारा-188, 171(च),171(छ) और 505 (2) के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।

सोमवार सुबह ग्रुप में वायरल हुआ था वीडियो थाना परसवाड़ा में दर्ज की गई एफआईआर के अनुसार व्यापारी संघ परसवाडा नाम के ग्रुप में 20 मई की सुबह 08.05 बजे मोबाईल नम्बर 9424662970 जिसके आगे अंग्रेजी में रामेश्वर लिखा है। उक्त नम्बर के द्वारा 0.27 सेकेण्ड की एक वीडियो क्लिप शेयर की गई। जिसके नीचे लेख किया गया है कि कृपया इसे वायरल करे ताकि चुनाव आयोग द्वारा पुन: चुनाव कराया जा सके। इसी के भरोसे ही तो 400 पार होंगे चुनाव आयोग सो गया है। ये सब किसके लिये कर रहा है चुनाव आयोग बेन ईवीएम (EVM) सेव डेमोक्रेसी 8.05एम मेसेज लिखा है। उक्त मोबाईल नम्बर थाना परसवाडा के अंतर्गत डाबर मेडीकल स्टोर्स का संचालक का है।

वीडियो क्लिप को चलाकर देखने पर दिखायी देता है कि कुछ लोग एक पीकप वाहन पर चढे है तथा ईवीएम मशीन के बाक्स जैसी दिखने वाले तीन बाक्स हाथ में उठाकर लहरा रहे है तथा बैकग्राउंड में शोरगुल की आवाज आ रही है। मोबाईल नम्बर 919424662970 के धारक के द्वारा कोई स्पष्ट जानकारी अपनी पोस्ट पर लेख नहीं करते हुये भ्रामक तथा मिथ्या लेख तथा वीडियो सोशल मीडिया (social media) व्यापारी संघ परसवाडा पर इस आशय से पोस्ट किया गया है। जिससे लोकसभा चुनाव के दौरान मतदाता को प्रभावित किया जा सके तथा निर्वाचन प्रक्रिया पर असर डालते हुये राजनीतिक पार्टी के कार्यकर्ताओ के मध्य शत्रुता, घृणा तथा वैमनस्यता उत्पन्न किया जा सके। ज्ञात हो कि जिले में अभी भी कलेक्टर व जिला दण्डाधिकारी बालाघाट द्वारा धारा 144 लागू है। इस वीडियो से सीआरपीसी तथा लोकसभा चुनाव 2024 दौरान जारी आदर्श आचार संहिता का स्पष्ट रूप से उल्लंघन किया गया है।

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