जीवन में जब लक्ष्मी आय तो ऐसा मानना कि माँ और बेटी आयी है, पर हम भूल जाते हैं। हम अपनी माँ, बेटियों की ऐसी रक्षा करते हैं कि कोई गलत काम नहीं कराते, कोई अनुचित स्थान हो तो जाने नहीं देते।
किन्तु हम अपनी जेब में आयी लक्ष्मी के साथ क्या करते हैं। उससे गुटका खाते हैं, मदिरा पीते हैं, उससे विलास करते हैं। अपनी जीवित माँ, बेटी के साथ तो हम ऐसा व्यवहार नहीं करते, पर आपके घर जरा लक्ष्मी आयी, डूब गए विलास में।
कमाल करते हैं हम लोग, इस माँ, बेटी को बचाते हैं और उसको दांव पे लगाते हैं।
ये दोहरा जीवन हैं इसका दंड एक दिन फिर लक्ष्मी देती है अपने हिसाब से।
इसलिए जीवन में जब लक्ष्मी आय तो आप सदाचरण करियेगा।






