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पत्थर छाती में मारकर की थी बुजुर्ग की हत्या

आरोपीगणों को 10 साल सश्रम कारावास एवं जुर्माना,ग्राम बांकामुकासा, चौकी सिंगोड़ी,थाना अमरवाड़ा का मामला

Chhindwara 29 December 2024

अमरवाड़ा यशो:- अपर सत्र न्यायालय अमरवाड़ा के अतिरिक्त अपर सत्र न्यायाधीश श्रीमान संदीप कुमार पाटिल द्वारा गत दिनांक थाना अमरवाड़ा के अपराध क्रमांक 223/2022, सत्र प्रकरण क्रमांक 10/2022, दफा 304,(2) भादवि अंतर्गत ग्राम बांकामुकासा, चौकी सिंगोड़ी थाना अमरवाड़ा निवासी सोनू उर्फ संतोष यदुवंशी, बबली पति सोनू उर्फ संतोष यदुवंशी एवं पिंकू उर्फ रविंद्र यदुवंशी को 10 साल सश्रम कारावास एवं जुर्माने* से दंडित किया गया है।

प्रकरण मे सरकार की ओर से पैरवी कर रहे अपर लोक अभियोजक अखिल सोनी* द्वारा घटना के सम्बंध में बताया गया कि दिनांक 23/03/2022 को चौकी सिंगोड़ी को सूचना प्राप्त हुई थी कि ग्राम बांका मुकासा में लड़ाई झगड़े के चलते खूबचंद चंद्रवंशी को गंभीर हालत में अमरवाड़ा अस्पताल ले जाया गया है जहां पर चिकित्सक द्वारा खूबचंद चंद्रवंशी को मृत घोषित कर दिया गया था, थाना अमरवाड़ा द्वारा खूबचंद चंद्रवंशी की मृत्यु के संबंध में मर्ग कायमी कर मर्ग जांच प्रारंभ की गई, पुलिस द्वारा शव का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के पश्चात मृतक खूबचंद के शव का पी.एम. कराया गया।

मर्ग जांच के दौरान प्रत्यक्षदर्शी साक्षियों के कथन लेख किए जाने पश्चात पुलिस को ज्ञात हुआ कि आरोपी गण द्वारा दिनांक 23/ 03/ 2022 को सुबह करीब 8.30 बजे मृतक के परिवार के बच्चे बांकामुकासा में घर के पीछे बाड़ी में गेंद खेल रहे थे, वह गेंद आरोपीगण की बड़ी में चली गई थी, इसी बात पर से आरोपीगण बच्चों को गाली गुप्तार कर रहे थे और मृतक परिवार के सदस्यों साथ लड़ाई झगड़ा मारपीट किये थे, आरोपी सोनू उर्फ संतोष यदुवंशी द्वारा खूबचंद को सीने में 4 किलोग्राम बजनी पत्थर छाती में मार कर हत्या कारित की गई थी जिससे खूबचंद की मृत्यु हो गई थी।

पुलिस द्वारा आरोपीगणो के विरुद्ध खूबचंद की हत्या का मामला पंजीबद्ध किया गया, हत्या में प्रयुक्त पत्थर जप्त किया गया एवं अन्य साक्ष्य संकलित कर पुलिस थाना अमरवाड़ा द्वारा अभियोग पत्र पूर्ण कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।सरकार की ओर से पैरवी कर रहे अपर लोक अभियोजक अखिल सोनी द्वारा मामले को न्यायालय के समक्ष रखा गया। तमाम प्रत्यक्षदर्शी गवाहों के बयान और साक्ष्य के आधार पर अभियोजन अपना मामला प्रमाणित करने में सफल रहा एवं आरोपीगणों को दोष सिद्ध साबित किया गया। न्यायाधीश श्री पाटिल द्वारा आरोपीगणों को दफा 304(2) भादवि. में 10 साल सश्रम कारावास एवं जुर्माने से दंडित किया गया।

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