धर्ममध्यप्रदेशसिवनी
सिवनी में श्रीमद्भागवत कथा: द्वितीय दिवस बरसी भक्ति की अमृत वर्षा, श्रद्धालु हुए भावविभोर
राजश्री पैलेस में ज्ञान गंगा प्रवाहित, भागवत माहात्म्य और मंगलाचरण की हुई सरस व्याख्या

सिवनी भागवत कथा द्वितीय दिवस: भक्ति और ज्ञान की अमृत वर्षा
सिवनी यशो :- नगर के राजश्री पैलेस में आयोजित श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ के द्वितीय दिवस कथा में भक्ति और आनंद की अद्भुत वर्षा हुई। कथा व्यास पं. प्रेमकृष्ण शास्त्री जी के श्रीमुख से प्रवाहित भागवत ज्ञान गंगा में श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और बड़ी संख्या में उपस्थित होकर कथा का रसपान किया।
भागवत माहात्म्य और मंगलाचरण की भावपूर्ण व्याख्या
द्वितीय दिवस कथा में पं. प्रेमकृष्ण शास्त्री जी ने स्कंद पुराण में वर्णित श्रीमद्भागवत माहात्म्य का अत्यंत सरस एवं सरल व्याख्यान किया। साथ ही श्रीमद्भागवत के मंगलाचरण की गूढ़ व्याख्या करते हुए श्रद्धालुओं को धर्म, भक्ति और ज्ञान का संदेश दिया।
गुरुदेव की गरिमामय उपस्थिति, कथा की सराहना
कथा के दौरान कथाव्यास जी के गुरुदेव पं. जानकी वल्लभ मिश्र जी की गरिमामय उपस्थिति ने आयोजन को और भी दिव्यता प्रदान की। कथा के विराम पर आचार्य पं. सनत्कुमार उपाध्याय जी ने कथा की मधुरता, गहनता और विद्वत्ता की प्रशंसा की।परिवारों में संस्कार मजबूत करने का संदेश
आचार्य पं. सनत्कुमार उपाध्याय जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि परिवारों में संस्कारों को सुदृढ़ करने का माध्यम है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे कथा के संदेशों को अपने जीवन में अपनाएं।भारी संख्या में उमड़े श्रद्धालु
द्वितीय दिवस की कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। पूरे वातावरण में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार देखने को मिला, जिससे आयोजन स्थल पूरी तरह भक्तिमय हो गया।आध्यात्मिक संदेश: श्रीमद्भागवत कथा जीवन में भक्ति, ज्ञान और संस्कारों का संचार कर मानव जीवन को सार्थक बनाती है।





