मध्यप्रदेशराजनीति

पेयजल संकट पर सरकार सख्त : कंट्रोल रूम स्थापित होंगे, सीएम डॉ. मोहन यादव ने दिए कड़े निर्देश

सभी विभागों के अमले की छुट्टियों पर रोक, कलेक्टर करेंगे रोजाना समीक्षा

मध्यप्रदेश पेयजल संकट पर सरकार सख्त: कंट्रोल रूम बनेगा, कर्मचारियों की छुट्टियां बंद

भोपाल यशो :- मध्यप्रदेश में पेयजल व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सख्त रुख अपनाते हुए सभी संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई और सतत मॉनिटरिंग के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि पेयजल आपूर्ति में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कलेक्टरों सहित नगरीय निकाय, पंचायत, पीएचई, जल निगम और अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक ली।

“मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने मध्यप्रदेश पेयजल संकट पर दिये सख्त निर्देश के बाद अधिकारियों की बैठक
पेयजल व्यवस्था पर सख्ती: CM मोहन यादव ने दिए बड़े निर्देश

प्रत्येक जिले में बनेगा सेंट्रल कंट्रोल रूम

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए हैं कि सभी जिलों में सेंट्रल कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएं, जिनकी जिम्मेदारी स्वयं कलेक्टर संभालेंगे। इसके साथ ही पेयजल आपूर्ति की निगरानी के लिए एक विशेष समिति गठित की जाएगी, जो प्रतिदिन स्थिति की समीक्षा करेगी।

पेयजल अमले की छुट्टियों पर रोक

सरकार ने आदेश दिए हैं कि:

पेयजल आपूर्ति से जुड़े सभी विभागों के कर्मचारियों के अवकाश पर तत्काल प्रभाव से रोक रहेगी

केवल अत्यंत आवश्यक परिस्थितियों में ही छुट्टी स्वीकृत की जाएगी

टैंकर व्यवस्था पर सख्त निगरानी

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि:

जरूरत वाले क्षेत्रों में टैंकर से समय पर जल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए

टैंकर के दुरुपयोग पर कड़ी कार्रवाई की जाए

जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाकर पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए

शहरी क्षेत्रों में टंकियों का समान रूप से भराव हो

बिजली और जल योजनाओं में समन्वय जरूरी

नल-जल योजनाओं का बिजली कनेक्शन किसी भी स्थिति में न काटा जाए

ऊर्जा विभाग को भी जल आपूर्ति व्यवस्था में शामिल किया जाए

ट्रीटेड वॉटर के उपयोग को बढ़ावा दिया जाए

पेयजल व्यवस्था के लिए बड़ा बजट प्रावधान

बैठक में बताया गया कि:

ग्रामीण क्षेत्रों में बोरवेल और जल स्रोत विकास के लिए 1500 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं

पंचायतों को संधारण कार्य के लिए अतिरिक्त 55 करोड़ रुपये दिए गए हैं

वित्त आयोग और अन्य मदों की राशि का उपयोग भी पेयजल व्यवस्था में किया जा सकता है

शिकायतों का तुरंत समाधान करने के निर्देश

मुख्य सचिव ने कहा कि:

सीएम हेल्पलाइन और लोक सेवा गारंटी की शिकायतों का त्वरित निराकरण किया जाए

कंट्रोल रूम का नेतृत्व स्वयं कलेक्टर करें

नागरिकों और जनप्रतिनिधियों से नियमित संवाद बनाए रखा जाए

गंगा दशहरा को लेकर विशेष निर्देश

अपर मुख्य सचिव शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि:

25 से 26 मई तक गंगा दशहरा के आयोजन होंगे

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उज्जैन के क्षिप्रा तट पर विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे

आयोजनों को पेयजल व्यवस्था से जोड़कर जनोपयोगी बनाया जाएगा

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