राम राज्य की भावना पर चल रही सरकार, मध्यप्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों पर: सीएम डॉ. मोहन यादव
नागदा में श्रीराम दरबार प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव में हुए शामिल, श्रीराम वन गमन पथ और श्रीकृष्ण पाथेय के विकास कार्यों का किया उल्लेख
भोपाल/उज्जैन यशो :- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार भगवान श्रीराम के आदर्शों और राम राज्य की भावना को आत्मसात करते हुए गरीब, किसान, युवा और मातृशक्ति के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है और धार्मिक, सांस्कृतिक तथा आर्थिक उन्नति के नए आयाम स्थापित किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को उज्जैन जिले के नागदा स्थित बालाजी धाम में आयोजित श्रीराम दरबार प्राण-प्रतिष्ठा एवं ध्वज पूजन महोत्सव में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य और दिव्य मंदिर निर्माण संभव हुआ है, जिससे करोड़ों रामभक्तों की वर्षों पुरानी आस्था को सम्मान मिला है।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम भारतीय संस्कृति, मर्यादा और आदर्श जीवन के प्रतीक हैं। श्रीराम के जीवन से प्रेरणा लेकर ही सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
चित्रकूट बनेगा भव्य आध्यात्मिक केंद्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीराम ने अपने वनवास काल का महत्वपूर्ण समय चित्रकूट में व्यतीत किया था। इसी कारण राज्य सरकार लगभग दो हजार करोड़ रुपये की लागत से चित्रकूट धाम का समग्र विकास कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में जिन-जिन स्थानों पर भगवान श्रीराम के चरण पड़े, उन्हें श्रीराम वन गमन पथ के रूप में विकसित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों को भी श्रीकृष्ण पाथेय योजना के अंतर्गत विकसित किया जा रहा है, जिससे धार्मिक पर्यटन को नई दिशा मिलेगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्राप्त होगी।
सिंहस्थ 2028 की तैयारियां तेज
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2028 में आयोजित होने वाले सिंहस्थ महापर्व को भव्य और दिव्य स्वरूप देने के लिए हजारों करोड़ रुपये के विकास कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। सड़क, पेयजल, यातायात, आवास और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
उन्होंने बताया कि उज्जैन और इंदौर के साथ-साथ नागदा, धार और रतलाम को भी इंदौर-उज्जैन मेट्रोपोलिटन क्षेत्र में शामिल किया गया है, जिससे इन क्षेत्रों के विकास को नई गति मिलेगी।
बालाजी धाम में मूलभूत सुविधाओं की घोषणा
मुख्यमंत्री ने बालाजी धाम परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए फर्श निर्माण, बाउंड्री वॉल, पेयजल व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक आधारभूत सुविधाएं विकसित करने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों का विकास प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
दूध उत्पादन बढ़ाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार कृषि और पशुपालन को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित कर रही है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश का दूध उत्पादन लगभग 12 प्रतिशत है, जिसे बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना प्रारंभ की है, जिसके अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को 10 लाख रुपये तक का अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा प्राकृतिक खेती और गोपालन को प्रोत्साहित करने के लिए प्रति गाय 1100 रुपये प्रतिमाह सहायता देने की व्यवस्था भी की गई है।
भगवान राम और हनुमान से प्रेरणा लेने का आह्वान
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीराम त्याग, मर्यादा और आदर्श जीवन के प्रतीक हैं। वे आदर्श पुत्र, आदर्श भाई, आदर्श पति और आदर्श शासक थे। वहीं भगवान हनुमान समर्पण, सेवा और निष्ठा के प्रतीक हैं। हमें उनके जीवन से प्रेरणा लेकर समाज और राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि राम राज्य की अवधारणा केवल धार्मिक नहीं बल्कि सामाजिक न्याय, सुशासन और जनकल्याण की भावना से जुड़ी हुई है और मध्यप्रदेश सरकार इसी भावना के साथ कार्य कर रही है।



