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1500 गांवों की ढाई लाख हेक्टेयर भूमि को मिलेगी सिंचाई सुविधा, स्लीमनाबाद टनल का उद्घाटन जल्द

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जल संसाधन विभाग की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश, अगले छह माह में 14 जिलों में 6 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बढ़ेगी सिंचाई क्षमता

स्लीमनाबाद टनल उद्घाटन जल्द, 1500 गांवों को मिलेगा सिंचाई का लाभ

भोपाल यशो :- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय में नर्मदा घाटी विकास एवं जल संसाधन विभाग की समीक्षा बैठक में प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कृषक कल्याण वर्ष के अंतर्गत पूर्ण हो चुकी सिंचाई परियोजनाओं का शीघ्र लोकार्पण किया जाए, जिससे किसानों को जल्द लाभ मिल सके।

बैठक में बताया गया कि आगामी छह माह में प्रदेश के 14 जिलों में लगभग छह लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता बढ़ाने वाली परियोजनाओं का लोकार्पण किया जाएगा। इनमें बड़वानी, सीहोर, शाजापुर, देवास, झाबुआ, धार, खंडवा, खरगोन, अलीराजपुर, राजगढ़, जबलपुर, कटनी और मंडला सहित विभिन्न जिलों की परियोजनाएं शामिल हैं।

स्लीमनाबाद टनल का उद्घाटन जल्द

मुख्यमंत्री ने नर्मदा के जल को सोन नदी से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण स्लीमनाबाद टनल के उद्घाटन की तैयारियां शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। बरगी व्यपवर्तन परियोजना के अंतर्गत निर्मित लगभग 11.952 किलोमीटर लंबी यह टनल जबलपुर, कटनी, सतना, मैहर, रीवा और पन्ना जिले के लगभग 1500 गांवों की करीब 2.5 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराएगी। टनल की जल प्रवाह क्षमता 152 क्यूमेक तथा व्यास 10.140 मीटर है।

केन-मंदाकिनी लिंक परियोजना का प्रस्ताव केंद्र को भेजा

बैठक में जानकारी दी गई कि केन-मंदाकिनी लिंक अंतर्राज्यीय परियोजना का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा जा चुका है। लगभग 8400 करोड़ रुपये की इस परियोजना से 93,310 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा विकसित होगी तथा 15.8 मेगावाट बिजली उत्पादन भी संभव होगा। परियोजना में 20 किलोमीटर लंबी टनल का निर्माण प्रस्तावित है।

सिंहस्थ परियोजनाओं में तेजी

सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के अंतर्गत सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी परियोजना का 82 प्रतिशत, कान्ह डायवर्सन क्लोज्ड डक्ट परियोजना का 66 प्रतिशत तथा शिप्रा नदी के 29 किलोमीटर लंबे घाट निर्माण का लगभग 60 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।

प्रदेश में बढ़ रहा सिंचित क्षेत्र

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में निर्मित एवं निर्माणाधीन परियोजनाओं के पूर्ण होने पर सिंचित क्षेत्र 95.45 लाख हेक्टेयर तक पहुंच जाएगा। स्वीकृत अन्य परियोजनाओं को जोड़ने पर यह आंकड़ा 108 लाख हेक्टेयर होगा। पिछले ढाई वर्षों में लगभग 10 लाख हेक्टेयर सिंचित क्षेत्र की वृद्धि दर्ज की गई है।

अन्य परियोजनाओं की भी समीक्षा

मुख्यमंत्री ने केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना, पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना, बीना कॉम्प्लेक्स बहुउद्देश्यीय परियोजना, कारम बांध पुनर्निर्माण तथा छिंदवाड़ा सिंचाई कॉम्प्लेक्स सहित विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

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