नक्सल की बंदूक से विकास की बुलंद आवाज तक… बोंदारी पहुंचे CM, 100 गांवों के लिए 225 करोड़ का ऐलान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जमीन पर बैठकर जनजातीय ग्रामीणों से किया आत्मीय संवाद, बोले—‘सुरक्षा के साथ विकास और विकास के साथ रोजगार’ हमारा संकल्प
बैगा समाज के सर्वांगीण विकास पर विशेष जोर, सड़क-बिजली-पानी के साथ रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने की घोषणा, 100 गांवों के लिए 225 करोड़ का ऐलान, बोंदारी पहुंचे CM मोहन यादव
Balaghat 29 August 2026
बालाघाट यशो:- कभी नक्सल गतिविधियों के कारण सुर्खियों में रहे बालाघाट के दूरस्थ अंचलों में अब विकास की नई इबारत लिखने की तैयारी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को जनविश्वास अभियान के अंतर्गत जिले के दूरस्थ ग्राम बोंदारी पहुंचे और ग्रामीणों के बीच जमीन पर बैठकर आत्मीय संवाद किया। उन्होंने जनजातीय समाज के लोगों की समस्याएं सुनीं, उनकी जरूरतों और अपेक्षाओं को जाना तथा अधिकारियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने बालाघाट जिले के 100 गांवों के समग्र विकास के लिए 225 करोड़ रुपये उपलब्ध कराने की घोषणा की। इस राशि से केवल अधोसंरचना विकास ही नहीं, बल्कि रोजगार, स्वरोजगार, आजीविका, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक विकास से जुड़े कार्यों को भी गति देने की बात कही गई है।
मुख्यमंत्री के बोंदारी पहुंचने को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि सरकार के अनुसार इतिहास में पहली बार कोई मुख्यमंत्री नक्सल प्रभावित रहे बोंदारी और कोरका गांवों में ग्रामीणों के बीच पहुंचकर संवाद करने आया है।
जमीन पर बैठे मुख्यमंत्री, ग्रामीणों से सीधे संवाद
बोंदारी पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने औपचारिक मंचीय संवाद के बजाय ग्रामीणों के बीच सहजता से बैठकर उनकी बातें सुनीं। उन्होंने ग्रामीणों से क्षेत्र की समस्याओं, सुविधाओं और विकास की जरूरतों पर सीधी चर्चा की।
ग्रामीणों के साथ चर्चा में पशुपालन, आवास, पोषण आहार, चिकित्सा, शिक्षा, रोजगार, वन विभाग के सहयोग और स्थानीय स्तर पर आजीविका के अवसर बढ़ाने जैसे विषय प्रमुखता से सामने आए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकार की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक प्रभावी ढंग से पहुंचे और दूरस्थ गांवों के विकास में किसी प्रकार की कमी न रहे।

225 करोड़ से 100 गांवों की तस्वीर बदलने का दावा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बालाघाट जिले के 100 गांवों के समग्र विकास के लिए 225 करोड़ रुपये की विकास पहल की घोषणा की। इसके तहत विभिन्न विभागों के माध्यम से विकास एवं सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों को गति दी जाएगी।
इसमें पंचायत एवं ग्रामीण विकास, ऊर्जा, शिक्षा, उद्योग, महिला एवं बाल विकास, आयुष, खाद्य, मत्स्य, स्वास्थ्य, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, कृषि, पशुपालन, उद्यानिकी, जनजातीय कार्य और पर्यटन जैसे विभागों की भूमिका रहेगी।
सरकार का जोर नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों में सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने के साथ ग्रामीणों, युवाओं, महिलाओं और जनजातीय समुदायों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने पर है।
‘सुरक्षा के साथ विकास और विकास के साथ रोजगार’
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार का स्पष्ट संकल्प है—‘सुरक्षा के साथ विकास और विकास के साथ रोजगार।’
उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के प्रभाव से मुक्त हुए क्षेत्रों में अब सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बालाघाट को केवल नक्सलमुक्त बनाना ही अंतिम लक्ष्य नहीं है। अब लक्ष्य सुरक्षित बालाघाट को समृद्ध, आत्मनिर्भर और खुशहाल बालाघाट में बदलना है।
‘सड़क को बाजार से और गांव को रोजगार से जोड़ना है’
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल सड़कें बनाना नहीं, बल्कि सड़क को बाजार से, गांव को रोजगार से और युवाओं को अवसरों से जोड़ना है।
बालाघाट में एमएसएमई, ग्रामोद्योग और स्थानीय रोजगारपरक उद्योगों को बढ़ावा देने की बात करते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिलें, इसके लिए कौशल विकास, प्रशिक्षण और उद्यमिता को बढ़ावा दिया जाएगा।
उन्होंने कृषि, डेयरी, पशुपालन, मत्स्य पालन, उद्यानिकी और खाद्य प्रसंस्करण को ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने का माध्यम बनाने पर जोर दिया।
गांव का उत्पाद पहुंचेगा बड़े बाजार तक
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में तैयार होने वाले उत्पादों का स्थानीय स्तर पर मूल्य संवर्धन किया जाएगा, ताकि किसानों और ग्रामीण परिवारों को उनके उत्पाद का बेहतर मूल्य मिल सके।
महिलाओं और स्व-सहायता समूहों को आर्थिक गतिविधियों तथा छोटे उद्यमों से जोड़कर परिवारों की आय बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान देने की बात कही गई।
उन्होंने कहा कि युवाओं को नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला स्व-उद्यमी और उद्योगपति बनाने की दिशा में अवसर विकसित किए जाएंगे।
पर्यटन और ट्राइबल टूरिज्म को भी मिलेगा बढ़ावा
बालाघाट की प्राकृतिक संपदा और सांस्कृतिक विरासत को देखते हुए मुख्यमंत्री ने पर्यटन, ईको-टूरिज्म और ट्राइबल टूरिज्म को बढ़ावा देने की बात कही।
इससे क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होने के साथ स्थानीय संस्कृति, परंपरा और प्राकृतिक संपदा को व्यापक पहचान मिलने की उम्मीद है।
बैगा समाज के विकास का लिया संकल्प
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बोंदारी में बैगा समाज के सर्वांगीण विकास पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि बैगा समाज मध्यप्रदेश की गौरवशाली जनजातीय विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसके विकास में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी।
बैगा परिवारों तक शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, आवास, सड़क, बिजली और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं का प्रभावी लाभ पहुंचाने पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई।
बैगा युवाओं को शिक्षा, कौशल, रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने तथा पारंपरिक कला, संस्कृति, ज्ञान और स्थानीय उत्पादों को आजीविका एवं बाजार से जोड़ने के प्रयास किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य बैगा समुदाय को आदर, सम्मान, अधिकार और अवसर के साथ विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।
लाड़ली बहनों ने बांधी राखी, खिलाई मिठाई
मुख्यमंत्री के बोंदारी पहुंचने से पहले बालाघाट जिले की लाड़ली बहनों ने अपने ‘भैया’ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को राखी बांधी और मिठाई खिलाई। रक्षाबंधन के अवसर पर बहनों और मुख्यमंत्री के बीच यह आत्मीय क्षण कार्यक्रम का भावनात्मक हिस्सा रहा।
नक्सल से विकास की ओर बढ़ता बालाघाट
मुख्यमंत्री ने कहा कि बालाघाट अब नक्सलमुक्ति के बाद विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि जिले के प्रत्येक गांव तक विकास पहुंचे, युवाओं को अवसर मिलें, परिवारों की आय बढ़े और प्रत्येक समाज को सम्मान मिले।
उन्होंने कहा कि नक्सलवाद से मुक्त हुए क्षेत्रों में विकास की पहुंच अंतिम व्यक्ति तक ले जाना सरकार की प्राथमिकता है। मूलभूत सुविधाओं के साथ स्थानीय संसाधनों पर आधारित रोजगार के अवसर विकसित किए जाएंगे।
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री तथा बालाघाट जिले के प्रभारी मंत्री उदय प्रताप सिंह, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उईके, बालाघाट सांसद श्रीमती भारती पारधी, स्थानीय विधायक संजय उईके, विधायक मधु भगत, मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल, जनप्रतिनिधि, सरपंच तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
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