हज टेंडर पर कांग्रेस का बड़ा आरोप: L1 को हटाकर L2-L3 को ठेका, प्रति हाजी ₹23 हजार अतिरिक्त बोझ का दावा
जिला कांग्रेस प्रवक्ता जेपीएस तिवारी ने लगाए गंभीर आरोप, कहा—प्रति हाजी करीब 1,000 रियाल का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ने का दावा
हज टेंडर में अनियमितता – हज टेंडर में L1 को दरकिनार करने का कांग्रेस का आरोप, CVC जांच की मांग
Seoni 01 September 2026
सिवनी यशो:- केंद्र की भाजपा नीत सरकार पर सार्वजनिक संसाधनों के कथित दुरुपयोग और धार्मिक यात्राओं से जुड़े टेंडर में वित्तीय अनियमितताओं के कांग्रेस ने गंभीर आरोप लगाए हैं।
जिला कांग्रेस प्रवक्ता जेपीएस तिवारी ने प्रेस को जारी विज्ञप्ति में दावा किया कि हज यात्रियों की आवाजाही, ठहराव और अन्य आवश्यक सेवाओं से संबंधित केंद्रीय एवं राज्य स्तर की टेंडर प्रक्रियाओं में स्थापित सरकारी खरीद नियमों एवं सीवीसी गाइडलाइंस की अनदेखी किए जाने के मामले सामने आए हैं।
कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि टेंडर प्रक्रिया में न्यूनतम दर देने वाले योग्य L1 बोलीदाता को अनुबंध मिलना चाहिए, लेकिन कथित तौर पर मामूली अथवा तकनीकी खामियों का हवाला देकर L1 बोलीदाताओं को बाहर कर दिया गया और अधिक दर वाले L2 या L3 बोलीदाताओं को ठेके दिए गए।
प्रति हाजी 1,000 रियाल अतिरिक्त बोझ का दावा
जेपीएस तिवारी ने दावा किया कि L1 के स्थान पर L2/L3 वेंडरों के चयन के कारण प्रति हाजी लगभग 1,000 सऊदी रियाल, यानी भारतीय मुद्रा में करीब 22 से 23 हजार रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ रहा है।
कांग्रेस का आरोप है कि यह अतिरिक्त राशि सीधे हज यात्रियों से वसूली जा रही है। जिला कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि यात्रियों की कुल संख्या को देखते हुए यह राशि करोड़ों रुपये तक पहुंच सकती है। उन्होंने इसे सार्वजनिक धन और यात्रियों के हितों से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की।
CVC या न्यायिक निकाय से जांच की मांग
कांग्रेस ने धार्मिक यात्राओं और सार्वजनिक सेवाओं से संबंधित सभी टेंडर आवंटनों की केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) अथवा किसी निष्पक्ष न्यायिक निकाय से तत्काल जांच कराने की मांग की है।
कांग्रेस ने मांग रखी कि—
- L1 को दरकिनार कर L2/L3 को दिए गए टेंडरों की जांच की जाए।
- नियमों के विपरीत पाए जाने वाले टेंडर आवंटन निरस्त किए जाएं।
- हज यात्रियों पर डाले गए कथित 1,000 रियाल प्रति व्यक्ति के अतिरिक्त बोझ की समीक्षा कर राशि वापस करने की व्यवस्था की जाए।
- धार्मिक संस्थाओं एवं सरकारी एजेंसियों द्वारा श्रद्धालुओं से लिए जा रहे सेवा शुल्क और चंदे का पूरा ऑडिट सार्वजनिक किया जाए।
जिला कांग्रेस ने कहा कि धार्मिक यात्राओं से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि श्रद्धालुओं पर अनावश्यक वित्तीय बोझ न पड़े।
नोट: टेंडर में अनियमितता, L1 को दरकिनार करने और करोड़ों रुपये के नुकसान से जुड़े दावे कांग्रेस प्रवक्ता द्वारा जारी विज्ञप्ति में लगाए गए आरोप हैं। संबंधित सरकारी विभाग या अन्य पक्ष का जवाब इस सामग्री में उपलब्ध नहीं है।
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