श्रीकर 9099 मक्का में सूख रहे पौधे, किसानों की बढ़ी चिंता
रंजीत ठाकुर और कन्हैया ठाकुर ने कंपनी से की शिकायत, बोले—समस्या बताने के बाद भी नहीं दिया जा रहा ध्यान; कृषि विभाग से जांच और मुआवजे की मांग
श्रीकर 9099 मक्का में सूख रहे पौधे, किसानों ने की शिकायत
Seoni 21 September 2026
सिवनी यशो:- ग्राम भाटा क्षेत्र में श्रीकर कंपनी की 9099 वैरायटी के मक्का बीज से बोई गई फसल में पौधों के सूखने की समस्या सामने आने से किसान परेशान हैं। खेतों में खड़ी मक्का की फसल में पत्तियां मुरझाने, पौधों की हरियाली खत्म होने और धीरे-धीरे पौधों के सूखने की शिकायत किसानों द्वारा की गई है। लगातार बढ़ती समस्या के कारण किसानों को फसल उत्पादन प्रभावित होने और आर्थिक नुकसान की चिंता सताने लगी है।
ग्राम भाटा निवासी किसान रंजीत ठाकुर और कन्हैया ठाकुर ने श्रीकर कंपनी की 9099 मक्का वैरायटी की फसल को लेकर शिकायत की है। किसानों के अनुसार उन्होंने कंपनी के बीज पर भरोसा करते हुए खेतों में मक्का की बोवनी की थी। शुरुआत में फसल सामान्य दिखाई दे रही थी, लेकिन बाद में पौधों में समस्या दिखाई देने लगी। कई पौधों की पत्तियां मुरझाने लगीं और पौधे धीरे-धीरे सूखते जा रहे हैं। किसानों का कहना है कि यदि समस्या पर तत्काल ध्यान नहीं दिया गया तो खेतों में खड़ी फसल को भारी नुकसान हो सकता है।
कंपनी को शिकायत, फिर भी नहीं हुई सुनवाई
किसानों का कहना है कि फसल में समस्या दिखाई देने के बाद उन्होंने श्रीकर कंपनी को इसकी शिकायत कर दी थी, लेकिन शिकायत के बावजूद अब तक समस्या के समाधान के लिए अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। किसानों के अनुसार कंपनी के जिम्मेदारों को फसल की स्थिति की जानकारी दी गई, बावजूद इसके खेतों का उचित निरीक्षण और समस्या के कारणों की जांच नहीं की गई।
किसानों का कहना है कि खेती में उन्होंने बीज, खाद, दवा, मजदूरी और अन्य कृषि कार्यों पर काफी राशि खर्च की है। ऐसे में यदि फसल खराब होती है तो उनकी पूरी मेहनत और लागत प्रभावित होगी। किसानों ने कंपनी से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल खेतों का निरीक्षण कराया जाए।
कृषि विभाग से मौके पर जांच की मांग
किसानों ने कृषि विभाग के अधिकारियों से भी मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। उनका कहना है कि विभागीय अधिकारी मौके पर पहुंचकर प्रभावित खेतों का निरीक्षण करें और मक्का के पौधों के सूखने के वास्तविक कारणों की वैज्ञानिक तरीके से जांच कराएं।
किसानों का कहना है कि यह स्पष्ट होना जरूरी है कि फसल में आई समस्या किस कारण से है। इसके लिए प्रभावित खेतों का सर्वे, आवश्यक नमूनों की जांच तथा कृषि विशेषज्ञों की राय ली जानी चाहिए, ताकि किसानों को वास्तविक स्थिति का पता चल सके और समय रहते फसल को बचाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
नुकसान हुआ तो मुआवजा दिलाने की मांग
रंजीत ठाकुर और कन्हैया ठाकुर ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित किसानों की फसल का निष्पक्ष सर्वे और नुकसान का आकलन कराया जाए। यदि जांच में बीज की गुणवत्ता अथवा कंपनी से संबंधित किसी कारण के चलते फसल प्रभावित होना सामने आता है तो किसानों को नियमानुसार उचित मुआवजा दिलाया जाए।
किसानों का कहना है कि फसल पूरी तरह खराब होने के बाद कार्रवाई करने से कोई लाभ नहीं होगा। इसलिए अभी खेतों की स्थिति का निरीक्षण कर समस्या का कारण पता लगाया जाए और किसानों को आवश्यक कृषि सलाह एवं उपचार उपलब्ध कराया जाए।
किसानों की मांग—समस्या का तत्काल समाधान हो
पीड़ित किसानों ने कहा कि उन्होंने उम्मीद के साथ मक्का की फसल लगाई थी, लेकिन अब पौधों के लगातार सूखने से उनकी चिंता बढ़ती जा रही है। कंपनी को शिकायत करने के बाद भी यदि किसानों की समस्या पर ध्यान नहीं दिया जाता है तो नुकसान और बढ़ सकता है।
किसानों ने श्रीकर कंपनी, कृषि विभाग एवं जिला प्रशासन से तत्काल खेतों का निरीक्षण कराने, फसल की समस्या की जांच करने, नुकसान का सर्वे कराने और नियमानुसार राहत एवं मुआवजा दिलाने की मांग की है।
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