सिवनीमध्यप्रदेश

ग्रामसभाओं ने लिया बाल विवाह के खात्मे का संकल्प, NIWCYD ने सरकार की पहल का किया स्वागत

सिवनी के कुरई विकासखंड की 20 ग्राम पंचायतों के करीब 35 गांवों में गांधी जयंती पर विशेष ग्रामसभाएं आयोजित, ग्रामीणों ने लिया ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ का संकल्प

सिवनी में ग्रामसभाओं ने लिया बाल विवाह मुक्त भारत का संकल्प

सिवनी यशो :- बाल विवाह जैसी सामाजिक कुप्रथा के उन्मूलन की दिशा में गांधी जयंती के अवसर पर आयोजित विशेष ग्रामसभाओं ने सिवनी जिले में जनभागीदारी का मजबूत संदेश दिया। केंद्र सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय एवं पंचायती राज मंत्रालय की पहल के तहत 2 अक्टूबर को आयोजित ग्रामसभाओं में ग्रामीणों, निर्वाचित जनप्रतिनिधियों, पंचायत कर्मियों और अधिकारियों ने ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ बनाने का संकल्प लिया।

सिवनी में बाल विवाह मुक्त भारत के संकल्प के दौरान आयोजित ग्रामसभा
सिवनी के कुरई विकासखंड में विशेष ग्रामसभाओं के दौरान ग्रामीणों ने लिया बाल विवाह मुक्त भारत का संकल्प

सिवनी में बाल विवाह और बालश्रम के उन्मूलन के लिए जमीनी स्तर पर अभियान चला रहे अशासकीय संगठन निवसीड (NIWCYD—National Institute of Women Child and Youth Development) ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे बाल संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।

NIWCYD की प्रोजेक्ट डायरेक्टर दीप्ति ने कहा कि सरकार और जिला प्रशासन की यह पहल बाल विवाह के खिलाफ चल रहे अभियान को नई गति देने वाली है। संगठन सरकार और जिला प्रशासन के साथ मिलकर बाल विवाह एवं बालश्रम के उन्मूलन के लिए पहले से अधिक उत्साह और सक्रियता के साथ कार्य करेगा।

2.42 लाख से अधिक विशेष ग्रामसभाओं में लिया गया संकल्प

केंद्र सरकार के निर्देश पर गांधी जयंती के अवसर पर देशभर में 2.42 लाख से अधिक विशेष ग्रामसभाओं का आयोजन किया गया। इन ग्रामसभाओं में गांवों को बाल विवाह मुक्त बनाने का प्रस्ताव रखते हुए बाल विवाह के पूर्ण खात्मे का संकल्प लिया गया।

सिवनी जिले में NIWCYD के कार्यक्षेत्र कुरई विकासखंड की 20 ग्राम पंचायतों के लगभग 35 गांवों में भी 2 अक्टूबर को विशेष ग्रामसभाएं आयोजित हुईं। इन ग्रामसभाओं में ग्रामीणों ने बाल विवाह के खिलाफ सामूहिक संकल्प लिया और अपने गांवों को बाल विवाह मुक्त बनाने की दिशा में आगे बढ़ने की प्रतिबद्धता जताई।

गांव की एकजुटता से तेज होगा बदलाव—दीप्ति

NIWCYD की प्रोजेक्ट डायरेक्टर दीप्ति ने कहा कि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय तथा पंचायती राज मंत्रालय द्वारा विशेष ग्रामसभाओं के माध्यम से प्रत्येक गांव को बाल विवाह के खिलाफ खड़ा करने की पहल सराहनीय है। जिला प्रशासन द्वारा इस दिशा में किए जा रहे प्रयास भी महत्वपूर्ण हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार, प्रशासन और समाज के सामूहिक प्रयासों से वर्ष 2030 तक बाल विवाह मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल करने में नई गति मिलेगी। जब पूरा गांव और समाज एकजुट होकर बाल विवाह के खिलाफ खड़ा होगा, तब सामाजिक बदलाव अधिक तेजी से आएगा। इससे हर बेटी को अपना बचपन जीने, शिक्षा प्राप्त करने और अपने सपनों को पूरा करने का अवसर मिलेगा, जिसका अधिकार उसे कानून भी देता है।

जेआरसी नेटवर्क के साथ मिलकर चल रहा जमीनी अभियान

उल्लेखनीय है कि NIWCYD, जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (JRC) का सहयोगी संगठन है। JRC बच्चों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए कार्य करने वाले नागरिक समाज संगठनों का देशव्यापी नेटवर्क है। संगठन के अनुसार, भारत में JRC अपने 300 से अधिक सहयोगी संगठनों के साथ देश के सभी 782 जिलों में सरकार और प्रशासन के साथ मिलकर बाल विवाह मुक्त भारत के लिए काम कर रहा है।

जेआरसी ने अपने सहयोगी नागरिक समाज संगठनों की भागीदारी से देशव्यापी जमीनी अभियान शुरू किया है, जिसका उद्देश्य एक पीढ़ी के भीतर बाल विवाह की कुप्रथा को समाप्त करना है। वर्ष 2024 में भारत सरकार के ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान से इस मुहिम को और व्यापक आधार मिला।

NIWCYD का मानना है कि ग्रामसभाओं में लिया गया सामूहिक संकल्प इस अभियान को गांव-गांव तक मजबूत करेगा और बाल विवाह की रोकथाम के लिए समाज की जिम्मेदारी एवं भागीदारी को और बढ़ाएगा।

संजय मिश्रा
कार्यक्रम समन्वयक
निवसीड (NIWCYD), सिवनी
मोबाइल: 9575431943

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