मध्यप्रदेशराजनीति

जबलपुर-भोपाल-इंदौर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बनेगा मध्यप्रदेश के विकास का नया इंजन: हेमंत खण्डेलवाल

कैबिनेट के फैसले पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने जताया मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार, सात जिलों में विकसित होंगे विश्वस्तरीय औद्योगिक हब

इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से बदलेगी MP की तस्वीर: हेमंत खण्डेलवाल

Bhopal 15 October 2026
भोपाल यशो:-
 मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास, निवेश और रोजगार के नए अवसरों को लेकर राज्य सरकार के फैसलों का भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने स्वागत किया है। उन्होंने जबलपुर-भोपाल-इंदौर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित करने तथा इसके लिए 100 करोड़ रुपये की प्रारंभिक अंशपूंजी से विशेष प्रयोजन कंपनी के गठन को मंत्रि-परिषद की मंजूरी मिलने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह कॉरिडोर प्रदेश के औद्योगिक विकास और आर्थिक समृद्धि की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

खण्डेलवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश नए आयाम स्थापित कर रहा है। जबलपुर, भोपाल और इंदौर को जोड़ने वाला यह औद्योगिक कॉरिडोर महाकौशल, मध्यभारत और मालवा-निमाड़ अंचल में औद्योगिक गतिविधियों को विस्तार देने के साथ प्रदेश के संतुलित विकास को नई गति प्रदान करेगा।

सात जिलों में औद्योगिक हब, निवेश और रोजगार के खुलेंगे नए रास्ते

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मंत्रि-परिषद द्वारा सात जिलों में विश्वस्तरीय औद्योगिक हब विकसित करने की योजना प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति देगी। सरकार का लक्ष्य हर अंचल में निवेश आकर्षित करना और हर जिले में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। आधुनिक औद्योगिक अधोसंरचना विकसित होने से बड़े निवेशकों को आकर्षित करने और स्थानीय युवाओं को अपने क्षेत्र में ही रोजगार उपलब्ध कराने की संभावनाएं बढ़ेंगी।

उन्होंने बताया कि मार्च 2028 तक एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आकर्षित करने और लगभग तीन लाख प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है। परियोजना के पूर्ण विकास के बाद तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश और छह लाख से अधिक रोजगार के अवसरों की संभावना प्रदेश की आर्थिक क्षमता को और मजबूत करेगी।

मालवा-निमाड़ के उद्योगों को मिलेगा विस्तार

खण्डेलवाल ने कहा कि इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से मालवा-निमाड़ के मौजूदा औद्योगिक नेटवर्क को मजबूती मिलेगी। देवास और पीथमपुर जैसे स्थापित औद्योगिक क्षेत्रों के साथ बेहतर समन्वय से विनिर्माण, खाद्य प्रसंस्करण, वेयरहाउसिंग, परिवहन, लॉजिस्टिक्स, होटल और खुदरा व्यापार जैसे क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों का विस्तार हो सकेगा।

इससे बड़े उद्योगों के साथ स्थानीय व्यापारियों, उद्यमियों, किसानों और युवाओं के लिए भी नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार प्रदेश के विभिन्न अंचलों में आर्थिक विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

भोपाल बनेगा तकनीक और नवाचार का प्रमुख केंद्र

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने भोपाल को आधुनिक ज्ञान, उच्च प्रौद्योगिकी और नवाचार के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी, आईटी-सक्षम सेवाओं, नॉलेज सर्विसेज, इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एवं मैन्युफैक्चरिंग तथा अनुसंधान एवं विकास से जुड़े क्लस्टर स्थापित होने से प्रदेश के प्रतिभाशाली युवाओं को उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार के अवसर अपने ही शहर में मिल सकेंगे।

इससे शिक्षा, तकनीक और उद्योग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होने के साथ भोपाल की आर्थिक पहचान को भी मजबूती मिलेगी।

आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के संकल्प को मिलेगी ताकत

खण्डेलवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार निवेश को धरातल पर उतारने, उद्योगों की स्थापना को सरल बनाने और रोजगार के स्थायी अवसर तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है। जबलपुर-भोपाल-इंदौर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और औद्योगिक हब की योजना प्रदेश को औद्योगिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में दूरगामी पहल है।

उन्होंने इस निर्णय के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति मध्यप्रदेश की जनता और भारतीय जनता पार्टी की ओर से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इन प्रयासों से प्रदेश में निवेश, रोजगार और आर्थिक समृद्धि को नई दिशा मिलेगी।

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