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राजनीति कोई फुग्गा नहीं कि हवा भरकर फुला दिया जाए, इसके लिए धैर्य, साहस और संघर्ष जरूरी : विधायक राजकुमार कर्राहे

डॉ. ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड का राज्यपाल बनाए जाने पर जताई खुशी, बोले— उनके माध्यम से मुख्यमंत्री तक पहुंचा सकेंगे क्षेत्र के विकास से जुड़े मुद्दे

राजनीति कोई फुग्गा नहीं, धैर्य और संघर्ष जरूरी: विधायक राजकुमार कर्राहे

Seoni 14 October 2026
सिवनी यशो:- सिवनी एवं बालाघाट के पूर्व सांसद डॉ. ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड का राज्यपाल नियुक्त किए जाने पर बालाघाट जिले की लांजी विधानसभा के विधायक राजकुमार कर्राहे ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्र के लिए भी उम्मीदों से भरा अवसर बताया है। उन्होंने कहा कि डॉ. बिसेन के सांसद रहते हुए सिवनी और बालाघाट क्षेत्र में अनेक विकास कार्य हुए। अब उनके संवैधानिक पद पर पहुंचने से क्षेत्र के विकास से जुड़ी समस्याओं और आवश्यकताओं को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

विधायक कर्राहे ने कहा कि जनप्रतिनिधि के रूप में कई बार कुछ कार्य ऐसे होते हैं, जिन्हें स्थानीय स्तर पर पूरा कराना संभव नहीं हो पाता। ऐसे में उन्हें उम्मीद है कि डॉ. बिसेन के अनुभव और मार्गदर्शन के माध्यम से क्षेत्र की जरूरतों को उचित स्तर तक पहुंचाने तथा विकास कार्यों को गति देने में सहयोग मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है।

राजनीति में सफलता के लिए संघर्ष जरूरी

राजनीति में संघर्ष और धैर्य के महत्व को रेखांकित करते हुए विधायक राजकुमार कर्राहे ने कहा, “राजनीति कोई फुग्गा नहीं है, जिसमें हवा भरकर फुला दिया जाए। इसके लिए धैर्य, साहस और संघर्ष की आवश्यकता होती है।” उन्होंने कहा कि डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने अपने राजनीतिक जीवन में अनेक उतार-चढ़ाव देखे और लंबे संघर्ष के बावजूद अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। यही उनकी प्रतिबद्धता और कार्यशैली का परिणाम है कि पार्टी ने उन्हें इतनी बड़ी संवैधानिक जिम्मेदारी सौंपी है।

उन्होंने डॉ. बिसेन को इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए कहा कि उनका राजनीतिक सफर प्रेरणादायी है। वे स्वयं भी उनसे प्रेरणा लेते हैं और भारतीय जनता पार्टी के सिद्धांतों के अनुरूप जनसेवा करने का प्रयास कर रहे हैं।

राजनीति में नाम नहीं, काम है महत्वपूर्ण

विधायक कर्राहे ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में विकास और जनकल्याण के अनेक कार्य किए जा रहे हैं। बरघाट क्षेत्र के छोटे से गांव पिपरिया से आने वाले डॉ. ढाल सिंह बिसेन को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलना इस बात का उदाहरण है कि राजनीति में व्यक्ति का काम, समर्पण और क्षमता महत्वपूर्ण होते हैं, केवल उसका नाम नहीं।

उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के सिद्धांत को अपना लक्ष्य बताते हुए कहा कि समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचना चाहिए। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की सर्वसमावेशी विकास की सोच और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में संचालित जनकल्याणकारी प्रयासों से प्रेरणा लेकर वे आगे बढ़ना चाहते हैं।

रोजगार, स्वास्थ्य और बेहतर आवास पर जोर

विधायक राजकुमार कर्राहे ने कहा कि उनका लक्ष्य क्षेत्र के लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करना और जरूरतमंद परिवारों को स्वच्छ एवं बेहतर आवास की सुविधा दिलाने के प्रयास करना है। उन्होंने कहा कि विकास का वास्तविक अर्थ तभी पूरा होगा, जब आम नागरिक के जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा और अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचेगा।

उन्होंने सिवनी एवं बालाघाट के मीडिया जगत की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि क्षेत्रीय मीडिया हमेशा विकास के मुद्दों को लेकर सकारात्मक दृष्टिकोण रखता है। आज वे विधायक के रूप में जनता की सेवा कर रहे हैं, तो इसमें मीडिया के योगदान को भी नकारा नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि जनहित के मुद्दों को सामने लाने और विकास कार्यों की दिशा में सकारात्मक संवाद स्थापित करने में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका है।

विधायक कर्राहे ने विश्वास जताया कि डॉ. ढाल सिंह बिसेन की नई जिम्मेदारी से क्षेत्र के विकास को लेकर नई उम्मीदें जागेंगी और जनहित से जुड़े मुद्दों को आगे बढ़ाने के लिए सकारात्मक अवसर प्राप्त होंगे।

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