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बालाघाट रोड को ओवर ब्रिज सहित फोरलेन बनाया जाये- डॉ.बिसेन

पूर्व सांसद ने मुख्यमंत्री से भेंट कर जल संकट सहित विभिन्न समस्याओं के समाधान हेतु रखें सुझाव

 Seoni 08 May 2025

सिवनी यशो:- वर्तमान में सिवनी बालाघाट मार्ग के निर्माण की प्रक्रिया प्रारंभ हैं। यदि म.प्र. शासन की ओर से प्रयास किया जाये तो यह मार्ग नेशनल हाईवे में परिवर्तित हो सकता है और एनएचएआई के माध्यम से फोरलेन सड़क बन सकती है। मेरे संसदीय कार्यकाल में तत्कालीन एवं वर्तमान केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मेरे द्वारा यह मांग रखी गई थी जिसके परिप्रेक्ष्य में श्री गडकरी द्वारा घोषणा भी कर दी गई थी। गत दिवस यह मांग पत्र के माध्यम से एवं भोपाल प्रवास दौरान पूर्व सांसद डॉ. ढालसिंह बिसेन द्वारा मुख्यमंत्री म.प्र. शासन मोहनलाल यादव से भेंट के दौरान की गई। डॉ. बिसेन की इस मांग पर मुख्यमंत्री म.प्र. शासन द्वारा यथोचित कार्यवाही करने का आवश्वासन दिया गया हैं।

गत दिवस पूर्व सांसद डॉ. ढालसिंह बिसेन द्वारा भोपाल प्रवास के दौरान प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहनलाल यादव से सिवनी बालाघाट रोड को फोरलेन बनाने एवं बरघाट नाका रेलवे क्रासिंग में ओवर ब्रिज बनाने राजस्व परिपत्र 6-4 अंतर्गत आम की फसल की नुकसानी का मुआवजा देने एवं पेंच का पानी बबरिया तालाब तक पहुंचाने सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा की गई। डॉ. बिसेन ने बताया कि आपकी घोषणा अनुरूप सिवनी बालाघाट मार्ग का निर्माण कार्य की प्रक्रिया म.प्र. सड़क विकास निगम द्वारा प्रारंभ कर दी गई है। आदेश अनुसार इस कार्य हेतु 15 करोड़ की राशि भी स्वीकृत की जा चुकी है। आग्रह है कि इस मार्ग को सिवनी शहर के जीरो माईल से बनाया जाये साथ ही सिवनी शहर के भीतर बरघाट नाका रेलवे क्रासिंग पर ओवर ब्रिज भी इसमें शामिल किया जाये। यदि शासन चाहे तो यह मार्ग एनएचएआई को सौंप कर इसे फोरलेन बनवा सकता है। मेरी मांग पर मेरे संसदीय कार्यकाल में तत्कालीन एवं वर्तमान सड़क परिवहन केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी द्वारा घोषणा भी की जा चुकी थी।

डॉ. बिसेन ने मुख्यमंत्री का भीमगढ़ जलावर्धन एवं बबरिया जलावर्धन योजना की तकनीकी खामियों के चलते शहर के गंभीर जल संकट की ओर ध्यान आकृष्ट करते हुए आग्रह किया कि माचागौरा जलाशय पेंच परियोजना का पानी नगझर, कोहका, कंडीपार या जहां भी संभव हो नहर या इंटकवेल के माध्यम से बबरिया जलाशय में पहुंचा दिया जाये तो शहर की जल समस्या का आसानी से निराकरण हो जायेगा। डॉ. बिसेन ने इस ओर भी मुख्यमंत्री का ध्यान आकृष्ट कराया कि आंधी तूफान, ओला वृष्टि या अन्य प्राकृतिक आपदा के चलते आम की फसल को काफी नुकसान होता है। म.प्र.शासन के राजस्व परिपत्र 6-4 में नुकसान पर मुआवजे का प्रावधान है किंतु राजस्व विभाग द्वारा प्रकरण न बनाये जाने के कारण किसानों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। राजस्व विभाग द्वारा प्रकरण न बनाये जाने से बीमा कंपनी भी क्लेम नहीं देती है। आग्रह है कि राजस्व विभाग एवं उद्यानिकी विभाग की संयुक्त टीम बनाकर आम की फसल की नुकसानी का प्रकरण बनाने के निर्देश जारी किये जाये ताकि किसानों को आर्थिक हानि न उठाना पड़े। उन्होंने जल संसाधन विभाग में सांसद एवं विधायक निधि या अन्य मद से होने वाले नहर, तालाब सहित अन्य निर्माण कार्यों पर तत्कालीन प्रमुख सचिव श्री जुलानिया द्वारा लगाई गई रोक को हटाने की भी मांग रखी, ताकि किसानों के हित में जनप्रतिनिधियों के मद से विभाग द्वारा कार्य किये जा सके।

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