बैनगंगा नदी को अब माचागोरा से छोड़े जा रहे पानी का सहारा
जल संकट की दस्तक, नलकूप और हेंडपंप अभी से देने लगे जबाब, नगर में तेजी से घट रहा भू जल स्तर
Seoni 08 March 2025
छपारा यशो :- यूँ तो इस बार जिले के साथ छपारा जनपद क्षेत्र में औसत से ज्यादा बारिश हुई थी किन्तु इसके बाद भी गत फरवरी माह से ही जल संकट की आहट सुनाई देने लगी हैं।
बताया जाता हैं की नगर के कुछ वार्डो में जल संकट की स्थिति अभी मार्च महीना की शुरुआत में ही खतरनाक बनी हुई है जिसको देखकर आगामी गर्मी के मौसम में क्या होगा इसकी कल्पना करके ही लोगों की हालत खराब हो जाती हैं।
ज्ञात हो कि वर्तमान समय में ही बैनगंगा नदी, नाले सूखने की कगार पर हैं वहीं नगर सहित क्षेत्र के ग्रामों में नलकूप और हैंडपंप कुछ समय तक चलने के बाद जबाब देने लगे हैं स्थानीय ग्रामीण जनों की ओर से बताया गया कि पिछले एक पखवाड़े से जमीन के लगभग 200 फुट गहराई तक के क्षेत्र में नलकूप और हैंडपंप से कुछ मिनटों के बाद पानी निकलना बंद हो जा रहा है जबकि ऐसी स्थिति मई माह में पहले के वर्षों में हुआ करती थी जल स्रोतों के सूख जाने से पालतू पशुओं से लेकर पक्षियों के लिए पेयजल जैसी समस्या खड़ी हो रही है ।
वहीं दूसरी ओर क्षेत्र की बैनगंगा नदी के भीमगढ जलाशय से बालाघाट एवं अन्य क्षेत्रों के लिए नहरों से पानी छोडे जाने से एक छोटे नाले में तब्दील हो गई है जो वर्तमान में माछागोरा डेम से छोड़े गए पानी पर निर्भर है ऐसी स्थिति नदी की दो महीनों के बाद देखने को मिला करती थी क्षेत्र में तेजी से घट रहे जल स्तर से जहां लोगों को आगामी दिनों के लिए फिक्रमंद कर रही है तो वहीं निजी नलकूपों का क्षेत्र में तेजी से उत्खनन होने के क्रम बदस्तूर जारी है जिसे लेकर जिला प्रशासन से स्थानीय लोगों की ओर से स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए नलकूपों के उत्खनन पर प्रतिबंध लगाने की मांग की जा रही है और जल्द एक बार आसमान में बादलों के डेरा से अच्छी बारिश होने की उम्मीद की जा रही है।


