सिवनी जिले के दूसरे, भाजपा के तीसरे और महाकौशल के चौथे राज्यपाल बने डॉ. ढालसिंह बिसेन
पंच से राज्यपाल तक का सफर, बरघाट मंडल अध्यक्ष से विधायक, मंत्री, सांसद और राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष तक निभाए महत्वपूर्ण दायित्व; जिले और महाकौशल के लिए गौरव का क्षण
डॉ. ढालसिंह बिसेन राज्यपाल बने, सिवनी का गौरव बढ़ा
Seoni, 13 October 2026
सिवनी यशो:- भारतीय राजनीति में सिवनी जिले का गौरव बढ़ाते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. ढालसिंह बिसेन को उत्तराखंड का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू द्वारा 12 अक्टूबर को राज्यपालों से संबंधित की गई नियुक्तियों में डॉ. बिसेन का नाम शामिल होने के बाद जिले और प्रदेश के राजनीतिक हलकों में हर्ष का वातावरण है। ग्रामीण किसान परिवेश से निकलकर संगठन, विधानसभा, मंत्रिमंडल, संसद और संवैधानिक दायित्वों तक पहुंचने वाले डॉ. बिसेन की राजनीतिक यात्रा अब एक नए मुकाम पर पहुंच गई है।
डॉ. बिसेन की इस नियुक्ति को सिवनी जिले और महाकौशल क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। प्रस्तुत राजनीतिक विवरण के अनुसार, राज्यपाल जैसे गरिमामय संवैधानिक पद तक पहुंचने वाले वे सिवनी जिले के दूसरे, भाजपा से जुड़े तीसरे और महाकौशल क्षेत्र के चौथे व्यक्ति हैं।
सिवनी से जुड़ी राज्यपालों की परंपरा में जुड़ा नया नाम
सिवनी जिले और आसपास के क्षेत्र से जुड़े व्यक्तित्वों को पूर्व में भी राज्यपाल जैसे महत्वपूर्ण संवैधानिक दायित्व मिल चुके हैं। सिवनी संसदीय क्षेत्र से 1977 में निर्वाचित पहले सांसद और मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के पूर्व महाधिवक्ता रहे जबलपुर निवासी स्वर्गीय निर्मलचंद जैन को राजस्थान का राज्यपाल बनाया गया था।
इसी तरह सिवनी जिले के घंसौर क्षेत्र से जुड़ीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और मध्य प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री रहीं स्वर्गीय श्रीमती उर्मिला सिंह को हिमाचल प्रदेश का राज्यपाल नियुक्त किया गया था। पड़ोसी जिले छिंदवाड़ा की निवासी सुश्री अनुसुइया उइके, जिन्होंने लखनादौन विधानसभा क्षेत्र से भी चुनाव लड़ा था, छत्तीसगढ़ और मणिपुर की राज्यपाल रह चुकी हैं।
इस पृष्ठभूमि में डॉ. ढालसिंह बिसेन की नियुक्ति को क्षेत्र की राजनीतिक परंपरा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
बरघाट मंडल अध्यक्ष से शुरू हुआ राजनीतिक सफर
डॉ. ढालसिंह बिसेन ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत भारतीय जनता पार्टी के संगठन में बरघाट मंडल अध्यक्ष के रूप में की थी। संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रियता और कार्यकर्ताओं के बीच संपर्क के बल पर उन्होंने आगे बढ़ते हुए जिला भाजपा अध्यक्ष का दायित्व भी सफलतापूर्वक निभाया।
वर्ष 1990 में पहली बार विधायक निर्वाचित होने के बाद उनका राजनीतिक सफर निरंतर आगे बढ़ता गया। विधायक के रूप में क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने के साथ उन्होंने प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री, सांसद और मध्य प्रदेश राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन किया। वर्तमान में वे भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी के स्थायी आमंत्रित सदस्य के रूप में भी जुड़े रहे हैं।
उनकी राजनीतिक यात्रा संगठन के जमीनी स्तर से शुरू होकर राष्ट्रीय राजनीति और अब संवैधानिक पद तक पहुंचने की कहानी प्रस्तुत करती है।
सरल व्यक्तित्व और सहज कार्यशैली से बनाई पहचान
ग्रामीण और किसान परिवेश से आने वाले डॉ. बिसेन की पहचान एक सहज, सरल और व्यवहारकुशल व्यक्तित्व के रूप में रही है। राजनीतिक जीवन में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाने के दौरान उन्होंने संगठनात्मक अनुभव और प्रशासनिक कार्यप्रणाली की समझ विकसित की।
उनकी नई नियुक्ति से जिले के भाजपा कार्यकर्ताओं, समर्थकों और शुभचिंतकों में उत्साह देखा जा रहा है। इसे सिवनी जिले के लिए सम्मान के साथ-साथ क्षेत्र की राजनीतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर रेखांकित करने वाला अवसर भी माना जा रहा है।
जिले और महाकौशल के लिए गौरव का अवसर
डॉ. ढालसिंह बिसेन को उत्तराखंड के राज्यपाल का दायित्व मिलना उनके लंबे राजनीतिक अनुभव और सार्वजनिक जीवन की यात्रा में एक नया अध्याय है। मंडल अध्यक्ष से राज्यपाल तक पहुंचे डॉ. बिसेन की उपलब्धि ने सिवनी जिले में उत्साह का वातावरण बनाया है।
अब उनसे अपेक्षा रहेगी कि वे अपनी नई संवैधानिक जिम्मेदारी का निर्वहन संविधान की मर्यादा, निष्पक्षता और गरिमा के अनुरूप करें। उनकी नियुक्ति को लेकर जिले के लोगों में प्रसन्नता है और उनके सफल कार्यकाल की कामना की जा रही है।
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