सिवनीमध्यप्रदेश

उगली क्षेत्र में दिनदहाड़े भालू की आमद, ग्रामीण दहशत के साये में

अरंडिया और विभारी गांव में लगातार दिख रहा रीछ, वन विभाग ने ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की

सिवनी यशो:- सिवनी जिले के अंतर्गत विधानसभा केवलारी मुख्यालय की उप तहसील उगली क्षेत्र चारों तरफ से घनघोर जंगलों से आच्छादित है। निकटवर्ती जिले बालाघाट और मंडला का क्षेत्र विश्व प्रसिद्ध कान्हा राष्ट्रीय उद्यान और पेंच राष्ट्रीय उद्यान के मध्य स्थित कारीडोर क्षेत्र के अंतर्गत आता है।

दोपहर के समय गांव में दौड़ता नजर आया भालू

विगत कुछ दिनों से उगली से लगभग 10-12 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत विभारी के अरंडिया ग्राम में दिन के समय हिंसक वन्य प्राणी रीछ (भालू) को ग्रामीणों ने भागते हुए देखा। भालू की आमद से ग्रामीणों में भय और दहशत का माहौल व्याप्त है। हालांकि अब तक इस रेयर वन्य प्राणी ने किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि भालू बेहद खतरनाक जानवर माना जाता है।

ग्रामीणों ने बताया कि पिछले एक से डेढ़ महीने से लगातार यह भालू ग्राम विभारी और अरंडिया क्षेत्र में देखा जा रहा है। विगत दिवस अरंडिया गांव में दिन के समय ग्रामीण भालू को भगाते नजर आए।

गांव में डर का माहौल, वन विभाग को दी सूचना”

सरपंच पति ओम प्रकाश भारद्वाज ने बताया कि गांव में भालू के आने से सभी ग्रामीण डरे हुए हैं। वन विभाग को इसकी सूचना दे दी गई है। फिलहाल किसी प्रकार की जनहानि या दुर्घटना नहीं हुई है।

“मक्का की फसल के कारण गांव में बना सकता है ठिकाना”

ग्रामीण मुनीम साहू ने बताया कि पिछले एक से डेढ़ महीने से लगातार भालू दिखाई दे रहा है। कुछ किसानों ने मक्का की फसल लगाई है, संभवतः इसी कारण भालू ने गांव के आसपास अपना ठिकाना बना लिया है।

शहद की तलाश में गांव में आ रहा भालू”

वन परिक्षेत्र अधिकारी शिवभान नागेश्वर ने जानकारी देते हुए बताया कि भालू जंगल से भटककर गांव में आ जाता है। ग्राम विभारी के मंदिर परिसर में मधुमक्खियों के छत्ते हैं और शहद भालू का प्रिय भोजन होता है। संभवतः इसी कारण वह गांव की ओर आ रहा है।

जंगलों के सूखते जलस्रोत बढ़ा रहे खतरा

अरंडिया ग्राम के आसपास का जंगल क्षेत्र वन विकास निगम के अंतर्गत आता है। यह क्षेत्र कान्हा और पेंच नेशनल पार्क के मध्य स्थित वन्यजीव कारीडोर होने के कारण यहां शेर, बाघ, तेंदुआ, नीलगाय, चीतल, सांभर, काले हिरण, पेंगुलीन, भालू, बंदर और मोर जैसे वन्यजीव आसानी से देखे जाते हैं।

वर्तमान में जंगलों के प्राकृतिक जल स्रोत सूखने लगे हैं, जिसके कारण जंगली जानवर पानी की तलाश में रिहायशी क्षेत्रों की ओर रुख कर रहे हैं।

वन विभाग ने ग्रामीणों को दी सतर्क रहने की सलाह

वन विभाग लगातार ग्रामीणों से सावधानी बरतने की अपील कर रहा है। विशेष रूप से इन दिनों तेंदूपत्ता तुड़ाई का कार्य चल रहा है, जिसके लिए ग्रामीण जंगलों में जाते हैं। हाल ही में बरघाट क्षेत्र के चमरवाही में जंगली जानवर के हमले में एक व्यक्ति की मौत की घटना भी सामने आई थी।

वन विभाग ने ग्रामीणों को समूह में जंगल जाने और अकेले जंगल में न जाने की सलाह दी है, क्योंकि इन दिनों हिंसक वन्य प्राणियों की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं।

Dainikyashonnati

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!