Mon, 19 Oct 2026 | 07:21:44 PM
Dainik Yashonnati
Breaking News Exclusive
जिला भाजपा ने दी शुभकामनाएं, कहा—उत्तराखंड में जनसेवा और सुशासन का नया कीर्तिमान स्थापित करेंगे डॉ. , बोले—देवभूमि की सेवा करना मेरा सौभाग्य नवजातों की मौत के आंकड़े प्रतिशत में बताकर सच्चाई छिपा रहा अस्पताल प्रबंधन: राजा बघेल हादसा हुआ तो जिम्मेदार कौन? PWD की लापरवाही से खतरे में राहगीरों की जान अवैध लकड़ी से भरी स्कॉर्पियो जब्त, चालक फरार डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने उत्तराखंड के राज्यपाल पद की शपथ ली, संवैधानिक दायित्व संभाला 18 अक्टूबर को जबलपुर से देहरादून रवाना होंगे डॉ. ढालसिंह बिसेन, 19 को लेंगे राज्यपाल पद की शपथ मुरैना में ₹1,500 करोड़ का निवेश, 2,000 लोगों को मिलेगा रोजगार; हर विधानसभा में औद्योगिक पार्क बनाने की तैयारी वरिष्ठजनों के अनुभव से मजबूत होगा संगठन, चंद्रशेखर ने किया आत्मीय संवाद भाजपा की प्राथमिक और सक्रिय सदस्यता से अमित सक्सेना का इस्तीफा जिला भाजपा ने दी शुभकामनाएं, कहा—उत्तराखंड में जनसेवा और सुशासन का नया कीर्तिमान स्थापित करेंगे डॉ. , बोले—देवभूमि की सेवा करना मेरा सौभाग्य नवजातों की मौत के आंकड़े प्रतिशत में बताकर सच्चाई छिपा रहा अस्पताल प्रबंधन: राजा बघेल हादसा हुआ तो जिम्मेदार कौन? PWD की लापरवाही से खतरे में राहगीरों की जान अवैध लकड़ी से भरी स्कॉर्पियो जब्त, चालक फरार डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने उत्तराखंड के राज्यपाल पद की शपथ ली, संवैधानिक दायित्व संभाला 18 अक्टूबर को जबलपुर से देहरादून रवाना होंगे डॉ. ढालसिंह बिसेन, 19 को लेंगे राज्यपाल पद की शपथ मुरैना में ₹1,500 करोड़ का निवेश, 2,000 लोगों को मिलेगा रोजगार; हर विधानसभा में औद्योगिक पार्क बनाने की तैयारी वरिष्ठजनों के अनुभव से मजबूत होगा संगठन, चंद्रशेखर ने किया आत्मीय संवाद भाजपा की प्राथमिक और सक्रिय सदस्यता से अमित सक्सेना का इस्तीफा

भगवान राम एवं कृष्ण हमें जीवन जीने कला सिखाने पृथ्वी पर आये थे - स्वामी सदानंद जी 

Dainik Yashonnati

Dainik Yashonnati / Sep 22, 2024 11:27 pm / Post views : 305

भगवान राम एवं कृष्ण हमें जीवन जीने कला सिखाने पृथ्वी पर आये थे - स्वामी सदानंद जी 
शेयर करें:

गुरू का ऋण जीवन पर्यंत नहीं चुकाया जा सकता - 

सिवनी यशो:- जीवन मे गुरु जो हमे देता है उसका ऋण जीवन पर्यंत हम चुका नही पाते, सिर्फ रावण-कंस के वध के लिए ही भगवान राम-कृष्ण ने अवतार नही लिया अपितु धर्म की स्थापना और जीवन जीने की कला सिखाने के लिए पृथ्वी में आये थे।
[caption id="attachment_19830" align="alignright" width="300"] Oplus_131072[/caption]
                उक्ताशय के प्रवचन द्वारका शारदापीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती जी महाराज ने अपने प्रवचनों में कही महाराज श्री आज नगर के राशि-बाहुबली लॉन में चल रहे अपने ब्रह्मलीन गुरु द्विपीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी महाराज के द्वतीय पुण्यतिथि उनके अनन्य शिष्य पंडित हितेंद्र शास्त्री की सयोजकता में चल रही 108 श्रीमद भागवत कथा एवं पंचदेव पूजन अर्चना में शामिल होने आए थे जहाँ अपार जनसमूह को कृष्णजन्म की कथा सुनाई, इस दौरान महाराज श्री ने कहा
[caption id="attachment_19829" align="alignleft" width="300"] Oplus_131072[/caption]
  कि गुरु का ऋण हम किसी भी वस्तु अथवा कार्य से चुका नहीं सकते उसके बाबजूद भी हमे गुरु सेवा का कार्य करते रहना चाहिए जिससे गुरु का आर्शीवाद सदा हमारे साथ रहता है और हम धर्म मे लगे रहते है, परमात्मा ने धर्म का अधिकार सिर्फ मनुष्यो को दिया है अत: धर्म का पालन करना हमारा प्रमुख कार्य होना चाहिये क्योकि इस लोक में और परलोक में सिर्फ धर्म ही साथ रहता है वही काम आता है। महाराज श्री ने कहा कि भगवान राम-कृष्ण का अवतार सिर्फ रावण और कंस का वध करना नहीं था प्रभु का अवतार इस पृथ्वी पर मुख्य रूप से धर्म की स्थापना के लिए था उनका जीवन ही उनका संदेश था उन्होंने अपने चरित्र के माध्यम से जीवन जीने की कला सिखाई उनके चरित्र को हमे आपने जीवन मे उतारना चाहिए। 

Live

लाइव क्रिकेट Score

Live

दैनिक राशिफल Daily

ज्योतिष

जरूरी खबरें