Mon, 19 Oct 2026 | 05:50:00 PM
Dainik Yashonnati
Breaking News Exclusive
, बोले—देवभूमि की सेवा करना मेरा सौभाग्य नवजातों की मौत के आंकड़े प्रतिशत में बताकर सच्चाई छिपा रहा अस्पताल प्रबंधन: राजा बघेल हादसा हुआ तो जिम्मेदार कौन? PWD की लापरवाही से खतरे में राहगीरों की जान अवैध लकड़ी से भरी स्कॉर्पियो जब्त, चालक फरार डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने उत्तराखंड के राज्यपाल पद की शपथ ली, संवैधानिक दायित्व संभाला 18 अक्टूबर को जबलपुर से देहरादून रवाना होंगे डॉ. ढालसिंह बिसेन, 19 को लेंगे राज्यपाल पद की शपथ मुरैना में ₹1,500 करोड़ का निवेश, 2,000 लोगों को मिलेगा रोजगार; हर विधानसभा में औद्योगिक पार्क बनाने की तैयारी वरिष्ठजनों के अनुभव से मजबूत होगा संगठन, चंद्रशेखर ने किया आत्मीय संवाद भाजपा की प्राथमिक और सक्रिय सदस्यता से अमित सक्सेना का इस्तीफा आज से सरकारी दफ्तरों में पांच दिन की लगातार छुट्टी! , बोले—देवभूमि की सेवा करना मेरा सौभाग्य नवजातों की मौत के आंकड़े प्रतिशत में बताकर सच्चाई छिपा रहा अस्पताल प्रबंधन: राजा बघेल हादसा हुआ तो जिम्मेदार कौन? PWD की लापरवाही से खतरे में राहगीरों की जान अवैध लकड़ी से भरी स्कॉर्पियो जब्त, चालक फरार डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने उत्तराखंड के राज्यपाल पद की शपथ ली, संवैधानिक दायित्व संभाला 18 अक्टूबर को जबलपुर से देहरादून रवाना होंगे डॉ. ढालसिंह बिसेन, 19 को लेंगे राज्यपाल पद की शपथ मुरैना में ₹1,500 करोड़ का निवेश, 2,000 लोगों को मिलेगा रोजगार; हर विधानसभा में औद्योगिक पार्क बनाने की तैयारी वरिष्ठजनों के अनुभव से मजबूत होगा संगठन, चंद्रशेखर ने किया आत्मीय संवाद भाजपा की प्राथमिक और सक्रिय सदस्यता से अमित सक्सेना का इस्तीफा आज से सरकारी दफ्तरों में पांच दिन की लगातार छुट्टी!

धर्म का सच्चा उद्देश्य भगवान के धाम की प्राप्ति: भागवत कथा में उमड़ा श्रद्धा का सागर

Dainik Yashonnati

Dainik Yashonnati / Apr 09, 2026 12:20 am / Post views : 177

धर्म का सच्चा उद्देश्य भगवान के धाम की प्राप्ति: भागवत कथा में उमड़ा श्रद्धा का सागर
शेयर करें:

भागवत कथा धर्म का उद्देश्य क्या है? भागवत कथा में संदेश

Seoni 08 April 2026 सिवनी यशो:-नगर के राजश्री पैलेस में आयोजित श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ के तृतीय दिवस का वातावरण पूर्णतः भक्तिमय और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत रहा। कथा व्यास पं. प्रेमकृष्ण शास्त्री जी के श्रीमुख से प्रवाहित भागवत अमृत ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। [caption id="attachment_43905" align="aligncenter" width="300"]राजश्री पैलेस में श्रीमद्भागवत कथा के दौरान प्रवचन देते पं प्रेमकृष्ण शास्त्री भागवत कथा धर्म का उद्देश्य -राजश्री पैलेस में भागवत कथा के दौरान श्रद्धालुओं को संबोधित करते कथाव्यास[/caption] कथाव्यास ने अपने ओजस्वी और सरल शब्दों में स्पष्ट किया कि धर्म का वास्तविक उद्देश्य सांसारिक सुख या धन प्राप्ति नहीं, बल्कि भगवान के धाम (अपवर्ग) की प्राप्ति है। यही मानव जीवन का परम लक्ष्य है।

 भक्ति के दो स्वरूप: अहैतुकी और अप्रतिहता

कथा के दौरान शौनक जी और सूत जी के संवाद का मार्मिक वर्णन करते हुए बताया गया कि भक्ति के दो प्रमुख स्वरूप हैं—
  • अहैतुकी: बिना किसी स्वार्थ के की गई भक्ति
  • अप्रतिहता: निरंतर, अविरल और बिना बाधा की भक्ति
[caption id="attachment_43906" align="alignright" width="300"]भागवत कथा में श्रद्धालु भक्ति भाव से कथा सुनते हुए भागवत कथा धर्म का उद्देश्य - कथा श्रवण करते श्रद्धालु, भक्ति में डूबा माहौल[/caption] कथाव्यास ने कहा कि जब भक्ति इन दोनों गुणों से युक्त होती है, तभी वह सीधे भगवान तक पहुंचती है।

 कथाओं में छिपा जीवन दर्शन

कथा में अनेक प्रेरणादायक प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया गया—
  • महर्षि व्यास के जन्म की कथा
  • देवर्षि नारद के पूर्व जन्म का प्रसंग
  • अश्वत्थामा द्वारा पांडव पुत्रों का वध
  • अर्जुन का धर्म-संकट और उसका समाधान
  • उत्तरा के गर्भ की रक्षा हेतु भगवान की करुणा
[caption id="attachment_43907" align="alignleft" width="300"]भागवत कथा में श्रद्धालु भक्ति भाव से कथा सुनते हुए भागवत कथा धर्म का उद्देश्य - कथा श्रवण करते श्रद्धालु, भक्ति में डूबा माहौल[/caption] इन सभी प्रसंगों के माध्यम से भागवत कथा धर्म का उद्देश्य - यह संदेश दिया गया कि धर्म केवल कर्मकांड नहीं, बल्कि विवेक, करुणा और न्याय का जीवंत मार्ग है।

संकट में भगवान ही अंतिम आश्रय

उत्तरा की करुण पुकार और भगवान द्वारा उसके गर्भ की रक्षा का भावपूर्ण प्रसंग सुनाते हुए कथाव्यास ने कहा—
“जब जीवन में हर दिशा से संकट घेर ले, तब सच्ची श्रद्धा और भगवान की शरण ही मनुष्य का सबसे बड़ा सहारा बनती है।”

 श्रोताओं में उमड़ा भक्ति का सागर

कथा के दौरान उपस्थित श्रद्धालु मंत्रमुग्ध होकर कथा का श्रवण करते रहे। पूरा पंडाल भक्ति, श्रद्धा और भावनाओं से सराबोर हो उठा। कथा के विराम पर आचार्य पं. सनत कुमार उपाध्याय  जी ने कथाव्यास की विद्वत्ता, सरलता और प्रस्तुति की सराहना करते हुए इसे “भक्ति और ज्ञान का अद्भुत संगम” बताया।

 समाज के लिए प्रमुख संदेश

  • धर्म का उद्देश्य केवल पूजा नहीं, आत्मकल्याण है
  • सच्ची भक्ति निष्काम और निरंतर होनी चाहिए
  • संकट में भगवान की शरण ही सबसे बड़ा सहारा है
  • धर्म हमें करुणा, संयम और न्याय का मार्ग सिखाता है
  • दिखावे से नहीं, आचरण से धर्म जीवित रहता है

 आयोजन में बढ़ी दिव्यता

कथा के दौरान पं. जानकी वल्लभ मिश्र जी की गरिमामय उपस्थिति ने आयोजन को और भी दिव्य बना दिया।

यह भागवत कथा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम बनकर उभरी, जिसने श्रद्धालुओं को जीवन का सच्चा मार्ग दिखाया।

https://www.awgp.org/en/literature/book/kya_dharm_afeem_kee_golee_hai/v3.7

Live

लाइव क्रिकेट Score

Live

दैनिक राशिफल Daily

ज्योतिष