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पेंच टाइगर रिजर्व में चरवाहा सम्मेलन: 100 चरवाहों को वन्यजीव सुरक्षा और बाघ संरक्षण का दिया प्रशिक्षण

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Dainik Yashonnati / Jul 04, 2026 03:57 am / Post views : 41

पेंच टाइगर रिजर्व में चरवाहा सम्मेलन: 100 चरवाहों को वन्यजीव सुरक्षा और बाघ संरक्षण का दिया प्रशिक्षण
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पेंच टाइगर रिजर्व चरवाहा सम्मेलन: 100 चरवाहों को वन्यजीव सुरक्षा और बाघ संरक्षण का दिया प्रशिक्षण

सिवनी यशो:- पेंच टाइगर रिजर्व सिवनी के अंतर्गत वन परिक्षेत्र खवासा (बफर) की खवासा बीट स्थित पर्यटक सुविधा केंद्र में शुक्रवार को चरवाहा सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में खवासा, रूखड़ एवं अरी बफर परिक्षेत्र के विभिन्न गांवों के 100 चरवाहों ने भाग लिया। [caption id="attachment_48049" align="alignnone" width="300"]पेंच टाइगर रिजर्व सिवनी में आयोजित चरवाहा सम्मेलन में चरवाहों को सुरक्षा सामग्री वितरित करते अधिकारी। पेंच टाइगर रिजर्व सिवनी के खवासा बफर में आयोजित चरवाहा सम्मेलन में 100 चरवाहों को वन्यजीव सुरक्षा एवं बाघ संरक्षण की जानकारी दी गई।[/caption] कार्यक्रम का उद्देश्य मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करना, चरवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा वन एवं वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।

पावर प्वाइंट प्रस्तुति से दी गई सुरक्षा संबंधी जानकारी

कार्यक्रम की शुरुआत चरवाहों के स्वागत एवं अल्पाहार से हुई। इसके बाद पावर प्वाइंट प्रस्तुति के माध्यम से जंगल में मवेशी चराने के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों, वन्यजीवों से बचाव, वन विभाग के नियमों के पालन, आपसी समन्वय तथा संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। [caption id="attachment_48048" align="alignnone" width="300"]पेंच टाइगर रिजर्व सिवनी में आयोजित चरवाहा सम्मेलन में चरवाहों को सुरक्षा सामग्री वितरित करते अधिकारी। पेंच टाइगर रिजर्व सिवनी के खवासा बफर में आयोजित चरवाहा सम्मेलन में 100 चरवाहों को वन्यजीव सुरक्षा एवं बाघ संरक्षण की जानकारी दी गई।[/caption]

चरवाहों को वितरित की गई सुरक्षा सामग्री

चरवाहों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पेंच टाइगर रिजर्व प्रबंधन द्वारा प्रत्येक प्रतिभागी को ध्वनि संयंत्र (साउंड डिवाइस), छाता, गमबूट और गमछा प्रदान किया गया। साथ ही एक विशेष पीछे पहनने वाला मास्क भी वितरित किया गया, जिसे सिर के पीछे लगाने से वन्यप्राणियों द्वारा पीछे से हमले की संभावना कम होने की बात अधिकारियों ने बताई।

वन्यजीव संरक्षण का दिया संदेश

सम्मेलन में उप संचालक पेंच टाइगर रिजर्व, सहायक वन संरक्षक सिवनी क्षेत्र, परिक्षेत्र अधिकारी खवासा एवं रूखड़ बफर सहित जनप्रतिनिधि एवं वन अमला उपस्थित रहा। जनपद अध्यक्ष लोचन मर्सकोले ने मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति में अपनाई जाने वाली सावधानियों और बाघ संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। वहीं उप संचालक ने चरवाहों से वन नियमों के पालन, सुरक्षा उपायों तथा पारंपरिक औषधीय वनस्पतियों के संरक्षण में सहयोग की अपील की।

सम्मान भोज और जंगल सफारी का भी आयोजन

कार्यक्रम के अंत में सभी चरवाहों के लिए सम्मान भोज आयोजित किया गया। इसके बाद प्रतिभागियों को खवासा बफर गेट से जंगल सफारी कराई गई, जिससे उन्होंने वन्यजीव संरक्षण को नजदीक से समझा और भविष्य में जंगल में प्रवेश के दौरान अधिक सतर्क रहने तथा वन विभाग के साथ समन्वय बनाए रखने का संकल्प लिया।

मानव-वन्यजीव संघर्ष कम करने की पहल

वन विभाग का मानना है कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों से चरवाहों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ेगी, मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं में कमी आएगी तथा बाघ एवं अन्य वन्यजीवों के संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी।

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