भारत में 60 करोड़ लोग डायबिटीज की दहलीज पर, वजह सिर्फ मोटापा नहीं – MP EPICON में बड़ा खुलासा
एमपी एपिकॉन 2026: मोटापा प्री-डायबिटीज से पहले की अवस्था – डॉ. राजेश अग्रवाल
इंदौर यशो:- MP EPICON Indore के राज्य स्तरीय डायबिटीज सम्मेलन में भारत की सबसे बड़ी चिकित्सक संस्था Association of Physicians of India (API) के मध्यप्रदेश चैप्टर द्वारा आयोजित एमपी एपिकॉन (MP EPICON) का आयोजन इंदौर स्थित सयाजी होटल में संपन्न हुआ। सम्मेलन में प्रदेशभर से लगभग 450 चिकित्सकों ने सहभागिता की। कार्यक्रम की अध्यक्षता API मध्यप्रदेश के अध्यक्ष डॉ. पी.सी. मनोरिया (भोपाल) ने की। उन्होंने कहा कि ऐसे सम्मेलन चिकित्सकों के लिए नॉलेज शेयरिंग और चिकित्सा नवाचारों को समझने का सशक्त मंच हैं।

ओबेसिटी को प्री-डायबिटीज से पहले की अवस्था समझें
MP EPICON Indore सम्मेलन के प्रमुख वक्ता इंदौर के डायबिटीज, मोटापा, थायराइड एवं हार्मोन विशेषज्ञ डॉ. राजेश अग्रवाल ने “इमर्जिंग ट्रेंड्स इन डायबिटीज” विषय पर व्याख्यान देते हुए कहा कि मोटापा वास्तव में प्री-डायबिटीज से पहले की अवस्था है। डॉ. अग्रवाल ने बताया कि पिछले 30 वर्षों में भारत में मोटापे की दर 20 गुना बढ़ी है, जबकि विकसित देशों में यह वृद्धि केवल 5 से 6 गुना रही। भारतीय जेनेटिक्स अब कैलोरी-डेंस और सस्ते खाद्य पदार्थों का बोझ सहन नहीं कर पा रहे, यही कारण है कि डायबिटीज तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने आंकड़ों के आधार पर बताया कि देश में लगभग 60 करोड़ लोग मोटापा एवं पेट के मोटापे से ग्रस्त हैं, जो डायबिटीज की दहलीज पर खड़े हैं। प्री-डायबिटीज अवस्था में समय रहते इलाज से डायबिटीज को रोका और कुछ हद तक रिवर्स किया जा सकता है, हालांकि इसके लिए निरंतर प्रयास और निगरानी आवश्यक है।
MP EPICON Indore : डायबिटीज की नई दवाओं पर चर्चा
सम्मेलन में सेमाग्लूटाइड दवा के उपयोग, समय और इसके वेट लॉस व डायबिटीज रिवर्सल में योगदान पर विस्तृत चर्चा हुई। साथ ही इमेग्लिमिन जैसी नई और यूनिक डायबिटीज दवा पर भी व्याख्यान दिया गया, जो वर्तमान दवाओं से अलग तरीके से कार्य करती है। सम्मेलन के सचिव डॉ. सुबोध बांजल ने बताया कि इस राज्य स्तरीय सम्मेलन में निमाड़, उज्जैन सहित प्रदेश के अनेक वरिष्ठ चिकित्सक शामिल हुए।
स्वास्थ्य शिक्षा की जरूरत पर जोर
डॉ. राजेश अग्रवाल ने कहा कि यदि समय रहते रोकथाम नहीं की गई तो डायबिटीज देश और परिवार की अर्थव्यवस्था पर भारी बोझ बनेगी। इसके लिए स्कूल, परिवार और समाज स्तर पर स्वास्थ्य शिक्षा को प्राथमिकता देना आवश्यक है। इस अवसर पर डॉ. वृंद भारद्वाज एवं डॉ. अंकित सेठ द्वारा डॉ. राजेश अग्रवाल को सम्मान पत्र एवं स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। रिपोर्ट: पंकज राय | दैनिक यशोन्नति https://www.google.com/amp/s/www.jansatta.com/health-news-hindi/health-diabetes-management-during-ramadan-fasting-tips-by-diabetes-expert/4414825/lite/



