पेंच टाइगर रिजर्व तेंदुआ वीडियो वायरल मादा तेंदुआ 3 शावकों संग दिखी
[caption id="attachment_43806" align="aligncenter" width="271"]सिवनी के पेंच टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी के दौरान पर्यटकों को ऐसा नजारा देखने मिला, जिसने सबको रोमांचित कर दिया—मादा तेंदुआ अपने तीन शावकों के साथ बेखौफ सड़क पर टहलती नजर आई।
पेंच टाइगर रिजर्व तेंदुआ वीडियो वायरल - मादा तेंदुआ अपने तीन शावकों के साथ सड़क पार करती हुई, यह दुर्लभ दृश्य पर्यटकों के कैमरे में कैद हुआ।[/caption]
सिवनी यशो :- मध्य प्रदेश के पेंच टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी के दौरान पर्यटकों को एक बेहद दुर्लभ और रोमांचक दृश्य देखने को मिला। यहां एक मादा तेंदुआ अपने तीन नन्हे शावकों के साथ बिना किसी डर के सड़क पर टहलती नजर आई, जिसका वीडियो भी सामने आया है।
यह वाकया उस समय हुआ जब पर्यटक जिप्सी में सवार होकर जंगल की सैर कर रहे थे। तभी अचानक झाड़ियों से एक मादा तेंदुआ अपने बच्चों के साथ बाहर निकली और कच्ची सड़क पार करते हुए घने जंगल की ओर बढ़ गई।
पेंच टाइगर रिजर्व तेंदुआ वीडियो -
इस नजारे ने पर्यटकों को रोमांच से भर दिया और उनकी सफारी को जीवनभर के लिए यादगार बना दिया।'द जंगल बुक' की यादें ताजा
पेंच नेशनल पार्क मध्य प्रदेश के सिवनी और छिंदवाड़ा जिलों के साथ-साथ महाराष्ट्र के नागपुर तक फैला हुआ है। इसे विश्व प्रसिद्ध लेखक रुडयार्ड किपलिंग की किताब "द जंगल बुक" की प्रेरणा स्थली माना जाता है। साल 1975 में राष्ट्रीय उद्यान और बाद में टाइगर रिजर्व घोषित यह पार्क अपने घने जंगलों और विशाल घास के मैदानों के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है।वन्यजीवों का सुरक्षित ठिकाना
पेंच टाइगर रिजर्व केवल बाघों और तेंदुओं के लिए ही नहीं, बल्कि भालू, जंगली कुत्ते, चीतल, सांभर, नीलगाय और गौर जैसे अनेक वन्यजीवों का सुरक्षित घर है। पक्षी प्रेमियों के लिए भी यह किसी स्वर्ग से कम नहीं है, क्योंकि यहां 250 से अधिक प्रजातियों के पक्षी पाए जाते हैं।कब और कैसे करें जंगल सफारी?
- घूमने का सबसे अच्छा समय: अक्टूबर से जून
- सफारी विकल्प: जीप सफारी और हाथी सफारी
- अनुभव: प्राकृतिक सुंदरता और वन्यजीवों को करीब से देखने का अवसर