उगली पेट्रोल संकट: लंबी कतारों से जूझ रहे ग्रामीण, प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग
मोहबर्रा सहित आसपास के गांवों में सीमित आपूर्ति, 70 से अधिक गांव प्रभावित
उगली पेट्रोल संकट: लंबी कतारों से परेशान ग्रामीण, सीमित आपूर्ति से बढ़ी समस्या
उगली (सिवनी)। अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के बीच ईंधन आपूर्ति प्रभावित होने का असर अब ग्रामीण अंचलों में भी देखने को मिल रहा है।
केवलारी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत उगली मुख्यालय और मोहबर्रा क्षेत्र में पेट्रोल-डीजल की किल्लत से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थिति यह है कि पेट्रोल पंपों पर सुबह से ही दोपहिया और चारपहिया वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं। कई स्थानों पर पेट्रोल उपलब्ध नहीं है, जबकि जहां ईंधन मिल भी रहा है वहां सीमित मात्रा में ही दिया जा रहा है।
एक पंप बंद, दूसरे पर सीमित वितरण
मोहबर्रा क्षेत्र में संचालित दो पेट्रोल पंपों में से एक पर पेट्रोल पूरी तरह समाप्त हो चुका है, जबकि दूसरे पंप पर दोपहिया वाहनों को मात्र 100 रुपये और चारपहिया वाहनों को 500 रुपये तक का ही पेट्रोल-डीजल दिया जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि बड़े शहरों में ऐसी समस्या नहीं है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में आपूर्ति बाधित होने से स्थिति अधिक गंभीर हो गई है।
उगली पेट्रोल संकट से 70 गांव प्रभावित
उगली उप तहसील के अंतर्गत लगभग 32 ग्राम पंचायतें और 70 से अधिक छोटे-बड़े गांव आते हैं। इतने बड़े क्षेत्र में मात्र तीन पेट्रोल पंपों के भरोसे ईंधन आपूर्ति हो रही है, जिससे आमजन को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
दैनिक कार्य, कृषि गतिविधियां और वर्तमान में चल रहे विवाह समारोहों के कारण ईंधन की मांग बढ़ी हुई है, लेकिन आपूर्ति पर्याप्त नहीं होने से जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
पेट्रोल पंप संचालकों ने बताई समस्या
गौरव बिसेन, पेट्रोल पंप संचालक: “हम बड़े वाहनों को डीजल नहीं दे रहे हैं और छोटे वाहनों को सीमित मात्रा में ईंधन उपलब्ध करा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में आपूर्ति की समस्या बनी हुई है, जिस पर प्रशासन को ध्यान देना चाहिए।”
अन्य संचालकों के अनुसार 2 से 3 दिन के अंतराल में ईंधन की आपूर्ति हो रही है। अग्रिम भुगतान के बावजूद नियमित सप्लाई नहीं मिल पाने से पंपों पर बार-बार ईंधन समाप्त हो जाता है, जिससे ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों की मांग: स्थानीय स्तर पर व्यवस्था सुधारी जाए
स्थानीय वाहन चालकों का कहना है कि उन्हें रोजमर्रा के कार्यों के लिए 1 से 2 लीटर पेट्रोल की आवश्यकता होती है। ऐसे में वे सिवनी या बालाघाट जाकर ईंधन भरवाने में सक्षम नहीं हैं।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित पेट्रोल पंपों की आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाए, ताकि आमजन को राहत मिल सके।
उगली क्षेत्र में पेट्रोल-डीजल की किल्लत अब गंभीर रूप लेती जा रही है। समय रहते समाधान नहीं किया गया तो ग्रामीण जनजीवन और अधिक प्रभावित हो सकता है।





