शारदीय नवरात्र में ज्वाला देवी मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, 316 मनोकामना ज्योति कलश स्थापित
देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे श्रद्धालु, नवचंडी पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों से भक्तिमय हुआ मंदिर परिसर; 19 अक्टूबर को निकलेगी भव्य कलश विसर्जन शोभायात्रा
सिवनी ज्वाला देवी मंदिर में 316 मनोकामना ज्योति कलश स्थापित
Seoni, 16 October 2026
सिवनी यशो:- शारदीय नवरात्र महोत्सव के पावन अवसर पर भैरोंगंज, परतापुर रोड स्थित सिद्धपीठ ज्वाला देवी मंदिर में श्रद्धा, भक्ति और आस्था का अनुपम संगम देखने को मिल रहा है। माँ आदिशक्ति के दर्शन के लिए सुबह से देर रात तक श्रद्धालुओं का आगमन जारी है। मंदिर परिसर में स्थापित 316 मनोकामना ज्योति कलश भक्तों की अटूट आस्था और माँ भगवती के प्रति विश्वास के प्रतीक बने हुए हैं।
माँ ज्वाला देवी के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था केवल सिवनी जिले तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के विभिन्न राज्यों और महानगरों तक फैली हुई है। इस वर्ष स्थापित मनोकामना ज्योति कलश दिल्ली, मणिपुर, मुंबई, पुणे, नागपुर, इंदौर, भोपाल, बैतूल, नर्मदापुरम, नेपानगर, जबलपुर, सागर, मंडला, बालाघाट, छिंदवाड़ा सहित अनेक स्थानों के श्रद्धालुओं द्वारा स्थापित किए गए हैं। श्रद्धालु अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति पर माँ के चरणों में ज्योति कलश अर्पित कर कृतज्ञता व्यक्त करते हैं।

नवचंडी पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों से भक्तिमय हुआ वातावरण
नवरात्र महोत्सव के दौरान मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना, नवचंडी पाठ, हवन और अन्य धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जा रहे हैं। आचार्य अजय शास्त्री द्वारा नवचंडी पाठ संपन्न कराया जा रहा है। इन धार्मिक आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु सम्मिलित होकर माँ भगवती की आराधना कर रहे हैं।
मंदिर परिसर में निरंतर गूंजते भक्ति गीतों, मंत्रोच्चार और माँ के जयकारों से वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण बना हुआ है। श्रद्धालु माँ ज्वाला देवी के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगलमय जीवन की कामना कर रहे हैं।
अष्टमी पर हवन, नवमी को मौन आसन और भव्य कलश विसर्जन
नवरात्र महोत्सव के अंतर्गत 18 अक्टूबर को अष्टमी के अवसर पर शाम 5 बजे पूजन एवं हवन का आयोजन निर्धारित है। वहीं, 19 अक्टूबर को नवमी पूजन दोपहर 2 बजे तथा मौन आसन दोपहर 3 बजे आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर पुजारी जी द्वारा भक्तों को मनोकामना पूर्ति के लिए विशेष भेंट प्रदान की जाएगी।
मंदिर की विशिष्ट धार्मिक परंपरा के अंतर्गत पुजारी जी द्वारा सवा किलो जलते हुए खप्पर के साथ हवन कुंड की परिक्रमा भी की जाएगी। इस परंपरा को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
नवमी के दिन शाम 5 बजे मंदिर परिसर से भव्य कलश विसर्जन शोभायात्रा निकाली जाएगी। शोभायात्रा के दौरान मनोकामना ज्योति कलश स्थापित करने वाली माताओं-बहनों को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया जाएगा। रात्रि में मंदिर परिसर में विशाल भंडारे का आयोजन भी किया गया है। मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं से भंडारा प्रसाद ग्रहण करने और धार्मिक आयोजन में सहभागी बनने का आग्रह किया है।
162 शनिवारों से निरंतर हो रहा संगीतमय सुंदरकांड पाठ
सिद्धपीठ ज्वाला देवी मंदिर की धार्मिक पहचान को मजबूत करने वाली एक विशेष परंपरा लगातार 162 शनिवारों से संचालित संगीतमय सुंदरकांड पाठ एवं हनुमान चालीसा का आयोजन भी है। प्रत्येक शनिवार को होने वाले इस आयोजन में श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल होते हैं और भक्ति एवं आध्यात्मिक शांति का अनुभव करते हैं।
नवरात्र के दौरान मंदिर में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ और नियमित धार्मिक आयोजनों ने इसे सिवनी क्षेत्र के प्रमुख आस्था केंद्रों में विशेष स्थान दिलाया है।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यवस्थाएं
मंदिर में सिवनी जिले के अलावा प्रदेश के अन्य जिलों और विभिन्न राज्यों से भी श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। दर्शन एवं धार्मिक कार्यक्रमों को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए मंदिर समिति और स्थानीय प्रशासन द्वारा आवश्यक व्यवस्थाएं किए जाने की जानकारी दी गई है।
माँ ज्वाला देवी के दरबार में स्थापित 316 मनोकामना ज्योति कलश और नवरात्र के दौरान आयोजित धार्मिक अनुष्ठान भक्तों की गहरी आस्था, विश्वास और समर्पण को अभिव्यक्त कर रहे हैं। नवमी पर होने वाली कलश विसर्जन शोभायात्रा और विशाल भंडारे को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।
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