हत्या की योजना:
पुलिस प्रेस नोट के अनुसार, आरोपियों ने पहले से प्लान बनाया था कि कृष्ण कुमार वर्मा को पैसों के लेन-देन के विवाद के कारण खत्म किया जाएगा। 7 मार्च की रात को अखिलेश वर्मा और अन्य आरोपियों ने कृष्ण कुमार को जान से मारने का निर्णय लिया। रात 9 बजे आरोपी मनोज विश्वकर्मा, चंदू वर्मा एवं अन्य साथी स्कार्पियो वाहन से सिहोरा ढाबा पहुंचे। कुछ देर बाद, अखिलेश वर्मा काले रंग की कार में कृष्ण कुमार वर्मा को लेकर वहां पहुंचे। मृतक की मोटरसाइकिल शुभम वर्मा द्वारा वहां लाई गई। रात करीब 10:30 बजे अखिलेश वर्मा ने गाड़ी को सुनसान जगह पर रोक दिया और सभी आरोपी उतर गए। चंद्रकांत उर्फ चंदू वर्मा ने सफेद रंग का गमछा उठाकर मृतक के गले में फंदा डाला, वहीं शुभम वर्मा और अखिलेश वर्मा ने गमछा को जोर से खींचा। इस कार्रवाई के कारण कृष्ण कुमार वर्मा की तत्काल मृत्यु हो गई। इसके बाद शव को काले रंग की कार में भरकर चोरगांव रोड ब्रिज के पास फेंक दिया गया, और मृतक की मोटरसाइकिल भी वहीं फेंक दी गई।पुलिस कार्रवाई और खुलासा:
जिला पुलिस अधीक्षक अजय पांडे और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशीष खरे ने मामले की तुरंत जांच का निर्देश दिया। एसडीओपी भारती जाट के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी मोहन सिंह मर्सकोले एवं टीम ने दो सप्ताह के अंदर हत्या का खुलासा कर दिया।जनपद उपाध्यक्ष पति हत्या का मास्टरमाइंड समेत 4 आरोपी गिरफ्तार
- अखिलेश वर्मा, पिता नेतराम वर्मा
- शुभम उर्फ शिवा वर्मा, पिता अंतराम वर्मा
- चंद्रकांत उर्फ चंदू वर्मा, पिता संतोष वर्मा
- मनोज विश्वकर्मा