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बालिका ने स्वयं अपना बाल विवाह रूकवाया

बालिका ने स्वयं अपना बाल विवाह रूकवाया

बालाघाट यशो:- जिले के बैहर तहसील के ग्राम भंडेरी के कासूटोला की एक नाबालिका बालिका का विवाह स्वयं बालिका ने रूकवा दिया है और तय किया है कि जब 18 वर्ष की हो जायेगी, तभी विवाह करेगी। बालिका को अपना विवाह रूकवाने में महिला बाल विकास विभाग परियोजना बैहर की पर्यवेक्षक सोमवती मानकर, बैहर में संचालित नवीन वन स्टाप सेंटर की केस वर्कर संध्या चौधरी, प्रीति हरिनखेड़े, ग्राम पंचायत भंडेरी की सरपंच सुकवारो बाई, पुलिस विभाग के नितेश सिंह राठौर एवं महिला आरक्षक सुभदा वल्के ने बहुत मदद की है।
ग्राम भंडेरी के कासूटोला की एक बालिका का विवाह उसके माता-पिता ने परसवाड़ा तहसील के ग्राम कलेगांव के 08 वीं कक्षा तक पढ़े 24 वर्ष के युवक के साथ तय कर दिया था। 27 अप्रैल 2023 को कलेगांव ने लड़के के माता-पिता पारिवारिक परंपरा के अनुसार विवाह कर बालिका को ले जाने कासूटोला आये थे। आंगनवाड़ी कार्यकर्त्ता बसंती अड़मे को कासूटोला में बाल विवाह होने की सूचना मिलने पर उसके द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया गया था। वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर जांच की गई तो पाया गया कि आधार कार्ड के अनुसार बालिका की आयु 16 वर्ष की ही है। इस पर बालिका के परिजनों को समझाया गया कि 18 वर्ष से कम आयु में बालिका का विवाह करना दंडनीय अपराध है और बताया गया कि कम आयु में विवाह करने से बालिका को स्वास्थ्य संबंधी समस्या हो सकती है। बालिका इन बातों को सुन रही थी और उसे समझ आ गया कि कम उम्र में विवाह करना उसके जीवन के लिए खतरा हो सकता है। उसने मौके पर विवाह करने से मना कर दिया और कहा दिया कि दो साल बाद 18 वर्ष की होने पर ही विवाह करेगी।
उल्लेखनीय है कि दिनांक 01 अप्रैल 2023 को बैहर में बालाघाट जिले का द्वितीय वन स्टॉप सेंटर का संचालन शुरू किया गया है । वन स्टॉप सेंटर एक ही छत के नीचे किसी भी प्रकार की हिंसा से पीडि़त महिलाओं को 05 तरह की सुविधाएं प्रदान करता है। ग्राम कासूटोला में बाल विवाह रूकवाने में भी वन स्टाप सेंटर बैहर ने अपनी भूमिका निभाई है।

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