सिवनी नगर पालिका परिषद की साधारण सभा में 115 प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित, कांग्रेस के विरोध के बीच 39 करोड़ के विकास कार्यों को मिली मंजूरी
डां.श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर चौक, मार्ग और पार्क का नामकरण, परिषद ने दी स्वीकृति
सिवनी नगर पालिका परिषद बैठक में 115 प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित, कांग्रेस के विरोध और बाहुबली चौक नामकरण पर जैन समाज की आपत्ति
सिवनी यशो :- नगर पालिका परिषद सिवनी की साधारण सभा सोमवार को निर्धारित समय पर नगर पालिका अध्यक्ष ज्ञानचंद सनोड़िया की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में कुल 117 प्रस्तावों में से 115 प्रस्तावों पर चर्चा के बाद सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया।
भाजपा पार्षदों के साथ कांग्रेस के दो पार्षद भी बैठक में शामिल हुए, जबकि कांग्रेस पार्षद दल के नेता सहित अन्य कांग्रेस पार्षदों ने एजेंडा देर से मिलने का आरोप लगाते हुए बैठक का विरोध किया।
नगर पालिका के अनुसार लगभग 39 करोड़ रुपये के विकास कार्यों, नगर सौंदर्यीकरण, अधोसंरचना निर्माण, पेयजल, स्वच्छता, अग्निशमन, वाहन खरीदी तथा प्रशासनिक विषयों से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

कांग्रेस ने एजेंडा देर से मिलने पर जताया विरोध
बैठक से एक दिन पहले कांग्रेस पार्षदों ने पत्रकार वार्ता कर आरोप लगाया था कि एजेंडा विलंब से उपलब्ध कराया गया, जिससे प्रस्तावों का समुचित अध्ययन नहीं हो सका। बीच में अवकाश होने के कारण तैयारी का पर्याप्त समय भी नहीं मिला। कांग्रेस पार्षदों ने सम्मेलन स्थगित करने की मांग की थी।
हालांकि कांग्रेस के दो पार्षद बैठक में शामिल हुए। उनका कहना था कि जिन प्रस्तावों पर आपत्ति है, उनका विरोध सदन के भीतर दर्ज कराया जाना चाहिए, न कि बैठक का बहिष्कार करके।
विरोध की रणनीति पर भी उठे सवाल
बैठक के बाद शहर में कांग्रेस के विरोध के तरीके को लेकर भी चर्चा रही। कई लोगों का मानना था कि सदन का बहिष्कार कर विपक्ष ने बिना विस्तृत चर्चा के अधिकांश प्रस्तावों के पारित होने का रास्ता आसान बना दिया। वहीं कांग्रेस का पक्ष है कि उनका विरोध एजेंडा प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर था।

बाहुबली चौक के नाम परिवर्तन पर जैन समाज ने जताई आपत्ति
बैठक में बाहुबली चौक का नाम बदलकर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी चौक करने का प्रस्ताव भी पारित किया गया। इस प्रस्ताव पर श्री दिगम्बर जैन पंचायत कमेटी, सिवनी एवं सकल जैन समाज ने आपत्ति दर्ज कराई।
नगर पालिका अध्यक्ष को सौंपे गए ज्ञापन में जैन समाज ने कहा कि ‘बाहुबली चौक’ केवल एक चौक का नाम नहीं बल्कि जैन समाज की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि भगवान बाहुबली त्याग, अहिंसा और वैराग्य के प्रतीक हैं तथा यह चौक पंचकल्याणक महोत्सव सहित अनेक धार्मिक आयोजनों की स्मृतियों से जुड़ा है।
समाज ने प्रशासन से आग्रह किया कि जनभावनाओं का सम्मान करते हुए चौक का नाम यथावत रखा जाए। ज्ञापन श्री दिगम्बर जैन पंचायत कमेटी के अध्यक्ष पवन दिवाकर, सचिव नीरज जैन तथा अन्य पदाधिकारियों की ओर से सौंपा गया।
इन प्रमुख विकास कार्यों को मिली मंजूरी
बैठक में जिन प्रमुख प्रस्तावों को स्वीकृति मिली, उनमें शामिल हैं—
बबरिया तालाब के समीप 11.10 करोड़ रुपये की लागत से ऑडिटोरियम निर्माण।
बबरिया गार्डन में 4.95 करोड़ रुपये की लागत से स्वीमिंग पूल।
दलसागर, बुधवारी और पुराना बैल बाजार तालाब का सौंदर्यीकरण एवं गहरीकरण।
पुरानी गल्ला मंडी में 1.58 करोड़ रुपये की लागत से मंगल भवन एवं शॉपिंग कॉम्प्लेक्स।
विभिन्न वार्डों में सीसी रोड, नाली, बीटी रोड एवं पेवर ब्लॉक निर्माण।
चार वार्डों में 65.79 लाख रुपये की नई पेयजल पाइपलाइन।
मिनी फायर वाहन, मिनी जेसीबी, ट्रैक्टर एवं स्वच्छता उपकरणों की खरीदी।
बंद सार्वजनिक शौचालयों को पुनः प्रारंभ करने तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े प्रस्ताव।
मंदिर परिसरों, गार्डनों और ओपन जिम के विकास कार्य।
प्रधानमंत्री आवास योजना, भवन नामांतरण, कर्मचारियों के प्रकरण एवं अन्य प्रशासनिक प्रस्ताव।
परिषद का दावा
नगर पालिका द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार बैठक में 117 में से 115 प्रस्तावों पर चर्चा के बाद सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया। परिषद का दावा है कि इन निर्णयों से शहर में अधोसंरचना, पेयजल, स्वच्छता और नगर सौंदर्यीकरण के कार्यों को गति मिलेगी।
वहीं कांग्रेस के विरोध और बाहुबली चौक के नाम परिवर्तन पर जैन समाज की आपत्ति के कारण यह बैठक राजनीतिक और सामाजिक दोनों दृष्टि से चर्चा का विषय बन गई।



