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जिला अधिवक्ता संघ की कार्यकारणी भंग, 22 मार्च को हड़ताल स्थगित

सिवनी बार एसोसिशन के दस पदाधिकारी 21 मार्च से एक महीने तक किसी भी न्यायालय में केस नहीं लड़ पाएगें

हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि विजय कुमार मलिमठ व जस्टिस विशाल मिश्रा की बेंच ने इनके पैरवी करने पर रोक लगा दी है

सिवनी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रवि कुमार गोल्हानी ने कहा कि 22 मार्च को हड़ताल स्थगित रहेगी । जिला अधिवक्ता संघ का प्रतिनिधि मंडल मध्यप्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद से मिलने जबलपुर जा रहा है. इसके बाद निर्णय लिया जाएगा कि हड़ताल आगे जारी रहेगी या नहीं।

तदर्थ समिति को सौंपा प्रभार, न्यायालय स्थान को यथावत रखने की मांग को लेकर अधिवक्ताओ ने 18 से 20 मार्च तक बंद कर दिया था काम

      सिवनी यशो:- सिवनी जिला अधिवक्ता संघ ने गत 18 मार्च से तीन दिन तक न्यायालय के स्थान परिवर्तन के विरोध में न्यायालीन कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया था । अधिवक्ताओं के इस निर्णय पर 17 मार्च को हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल ने सभी वकीलों को कोर्ट में मौजूद रहकर अपने-अपने मामलों की पैरवी करने के लिए कहा, लेकिन 18 से 20 मार्च तक वकील हड़ताल पर चले गए । जिसके बाद उच्च न्यायालय – द्वारा सू मोटो रिट पिटीशन क्रमांक 7295/23 में दिनांक 20-03-2024 – आदेश पारित करते हुए जिला अधिवक्ता – संघ सिवनी की समस्त कार्यकारणी को भंग कर दिया गया है।
सिवनी कोर्ट का स्थान यथावत रखने की मांग को लेकर अधिवक्ताओं ने 18 से 20 मार्च तक काम बंद कर दिया था। जिसके बाद उच्च न्यायालय – द्वारा सू मोटो रिट पिटीशन क्रमांक 7295/23 में दिनांक 20-03-2024 – आदेश पारित करते हुए जिला अधिवक्ता – संघ सिवनी की समस्त कार्यकारणी को भंग कर दिया गया है। जिला अधिवक्ता संघ – की आम सभा द्वारा जिला न्यायालय सिवनी के स्थान परिवर्तन के विरोध में अधिवक्ताओ ने आम सभा में यह निर्णय पारित किया गया था कि, संघ के सभी अधिवक्ता 18 मार्च से 20 मार्च तक न्यायालीन कार्य से विरत रहेंगे। इस दौरान नोटरी अधिवक्ता लिपिक भी कार्य नहीं करेंगे।
इस बात को संज्ञान में लेते राज्य अधिवक्ता परिषद मध्यप्रदेश द्वारा पत्र क्रमांक एस बी सी / एम पी / मान्यता / 927/24 दिनांक 19 मार्च 2024 को यह कहा गया कि जिला अधिवक्ता संघ सिवनी की वर्तमान कार्यकारणी को भंग करते हुए सभी महत्वपूर्ण कार्यों के सुचारू रूप से संचालन के लिए तदार्थ समिति को गठित कर कार्यकारणी के समस्त अधिकार जिसमे वित्तीय अधिकार भी शामिल है को दिए गए। तदर्थ समिति को यह भी अधिकार दिया गया कि वह अधिवक्ता संघ के नवीन चुनाव संपादित कराएं। तदर्थ समिति में वरिष्ठ अधिवक्ता अभिनंदन कुमार दिवाकर, नारायण प्रसाद अवस्थी, जय कुमार जैन, राजेंद्र प्रसाद सक्सेना एवं सुभाष चंद गोयल को शामिल किया गया तथा तत्काल प्रभाव से जिला अधिवक्ता संघ सिवनी का प्रभार ग्रहण करने हेतु निर्देशित किया गया।
शासन की ओर से सिविल कोर्ट की नई बिल्डिंग के लिए नागपुर रोड स्थित बीज निगम की जमीन आवंटित की गई है। बार एसोसिएशन का कहना है कि अगर इस जगह सिविल कोर्ट बनता है तो आम जनता के अलावा पेशी पर आने-जाने वालों को भी परेशानी होगी और यह स्थान कोर्ट के कार्य की दृष्टि से उचित नहीं है । अभी सिविल कोर्ट कलेक्ट्रेट कैंपस में है. इसी से कलेक्टर व अपर कलेक्टर न्यायालय भवन, राजस्व न्यायालय भवन, अनुविभागीय अधिकारी न्यायालय सिवनी, एसपी कार्यालय, पंजीयक कार्यालय सिवनी और दूसरे विभागों के कार्यालय लगे हुए हैं इस प्रकार का तर्क देते हुये अधिवक्ता न्यायालय स्थानांतरण का विरोध कर रहे थे । जिस पर स्वत: संज्ञान लेते हुये हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि मलिमठ व जस्टिस विशाल मिश्रा की बेंच ने बार काउंसिल की ओर से कोर्ट को बताया गया कि उनके द्वारा अधिवक्ता अधिनियम की धारा 35 के तहत हड़ताल करने वाले वकीलों को शो-कॉज नोटिस जारी किए जा रहे हैं. इसके बाद बेंच ने फैसला सुनाते हुए हाईकोर्ट के 2018 के निर्णय का भी जिक्र किया. तब हाईकोर्ट ने पारित एक निर्णय में कहा था कि ऐसी परिस्थिति में अधिवक्ता संघ के पदाधिकारियों को एक महीने के लिए पैरवी करने से निलंबित किया जाना चाहिए ।
राज्य अधिवक्ता परिषद के निर्देशानुसार दिनांक 20 मार्च 2024 को तदर्थ समिति द्वारा पदभार ग्रहण कर लिया गया है। उच्च न्यायालय जबलपुर के मुख्य न्यायाधिपति एवं विशाल मिश्रा न्यायाधिपति बेंच द्वारा हड़ताल के संबंध में सू मोटो संज्ञान लेते हुए जिला अधिवक्ता संघ की हड़ताल को अवैधानिक मानते हुए जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष रवि गोल्हनी, उपाध्यक्ष शिशुपाल यादव, सचिव रितेश आहूजा, सह सचिव मनोज हीरेनखेड, कोषाध्यक्ष नवल किशोर सोनी एवम निर्वाचित कार्यकारिणी सदस्य को एक माह तक न्यायालय में उपस्थित न होने तथा 03 वर्ष तक अधिवक्ता संघ या राज्य अधिवक्ता संघ के चुनाव लडऩे से अयोग्य कर दिया गया है ।
सिवनी बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष शिशुपाल यादव का कहना है. सिविल कोर्ट की बिल्डिंग दूसरी जगह बनना है । नई जगह मौजूदा बिल्डिंग से 8-10 किलोमीटर दूर है. नई जगह अशांत है, रेलवे स्टेशन के पास है. बस स्टैंड भी स्वीकृत है. कच्ची शराब निकाली जाती है. अभी जो जगह हैए वो पक्षकारों व महिला वकीलों के लिए सेफ है. इसके आसपास 4.5 एकड़ और जमीन खाली है । इसी जमीन का अधिग्रहण कर कोर्ट बिल्डिंग बनाई जा सकती है ।
सिवनी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रवि कुमार गोल्हानी ने कहा कि 22 मार्च को हड़ताल स्थगित रहेगी । जिला अधिवक्ता संघ का प्रतिनिधि मंडल मध्यप्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद से मिलने जबलपुर जा रहा है. इसके बाद निर्णय लिया जाएगा कि हड़ताल आगे जारी रहेगी या नहीं।

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