शंकराचार्य जी की जन्म स्थली में पेयजल संकट गहराया, एक माह से परेशान ग्रामीण
सिवनी यशो:- ग्रीष्मकाल में मनुष्य के साथ ही हर प्राणी की सबसे अधिक प्राथमिक आवश्यकता होती है पानी परंतु यह दुर्भाग्य ही है कि बड़े दावे करने वाली सरकारे और जिम्मेदार तरक्की का ऐसा डिंडोरा पीट रहे है जैसे आमजनता को उन्होंने स्वर्ग में बिठा दिया है परंतु जमीनी हकीकत तो यह है कि आजादी के 77 साल बाद भी आमजनता को शुद्ध पेयजल तो दूर की बात है । सामान्य जल की उपलब्धता नहीं है । जहरीली शराब से एक व्यक्ति की मौत पर हंगामा खड़ा करने वाले देश के राजनेताओं ने आज तक पेयजल की उपलब्धता और शुद्धता के आभाव में हजारों हो रही मौतों पर कोई गंभीरता नहीं दिखाई ।
यहाँ बता दें कि सिवनी जिले के अनेक स्थानों में पेयजल संकट से ग्रामीण बुरी तरह परेशान है और उनकी समस्याओं के निराकरण के लिये कोई गंभीर प्रयास नहीं हो रहे है ।
इसी प्रकार की समस्या जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी महाराज की जन्म स्थली दिघौरी में भी विकराल रूप धारण कर चुकी है । ग्राम के परिवारों में एक माह से पेयजल की सप्लाई नहीं है । इस संबंध में ग्रामीणों ने संबंधित जिम्मेदारों सहित सीएम हेल्प लाईन में भी शिकायत की है परंतु समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ है ।
दैनिक यशोन्नति ने ग्राम के सचिव के मोबाईल पर चर्चा करने की कोशिश की परंतु उन्होंने चर्चा तो नहीं और उपसरपंच से चर्चा करायी जिन्होंने बताया कि बिजली गोल रहने के कारण पानी की टंकी नहीं भर रही है जिससे सप्लाई अवरूद्ध है । पीएचई से चर्चा की गयी है परंतु अधिकारी स्पष्ट रूप से कोई आदेश नहीं दे रहे है । पीएचई विभाग टेंकरों से पानी सप्लाई की व्यवस्था करने की अनुमति प्रदान कर दे तो ग्राम की समस्या का हल हो सकता है।



