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मध्यप्रदेशसिवनीहेल्थ

कमजोरी, चक्कर आना, घबराहट या तीव्र प्यास के साथ सिरदर्द हो तो चिकित्सक का परामर्श लें

गर्मी के मौसम में लू – तापघात से अपना करें बचाव 

सिवनी यशो:- गर्मी के मौसम में अधिक तापमान के कारण लू (हीट वेव) लगने जैसी बीमारियों की संख्या में वृद्धि परिलक्षित हो रही है। जिसका स्वास्थ्य पर दुष्परिणाम हो सकता है। जन सामान्य को गर्मी से होने वाली बीमारियों के दुष्प्रभावों से बचने के लिये आवश्यक सावधानियां रखनी आवश्यक है। जैसे -शरीर को पानी की कमी से बचायें, पर्याप्त मात्रा में पानी/ओ.आर.एस. पियें। घर में बने पेय जैसे- नींबू-पानी, छाछ-मठा- लस्सी, फलों का रस आदि नमक डालकर सेवन करें, घर से बाहर निकलते समय एवं यात्रा के लिये पानी साथ रखें, ऐसे फल व सब्जियों का सेवन करें जिनमें पर्याप्त मात्रा में पानी होता है जैसे- तरबूज, खरबूज, संतरा, अंगूर, ककड़ी आदि।
शरीर को ढांक कर रखें। धूप से बचने के लिए सिर ढांक कर रखें छाता टोपी, हैट, गमछा, टॉवेल या अन्य प्रकार से सिर को कवर करें। कोई भी व्यक्ति किसी भी समय लू/तापघात से ग्रसित हो सकता है, किंतु अतिसंवेदन शील लोगो जैसे वृद्ध, शिशु एवं छोटे बच्चें, गर्भवती महिलाएं, 65 वर्ष या अधिक आयु वाले व्यक्ति, बाहर काम करने वाला वर्ग, मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति। अन्य शारीरिक बीमारियां जैसे:- हृदय रोग या बी.पी. से ग्रस्त व्यक्तियों को लू/तापघात ज्यादा प्रभावित करता है।
स्वास्थ्य खराब महसूस होने पर- यदि कमजोरी, चक्कर आना, घबराहट या तीव्र प्यास के साथ सिरदर्द हो तो चिकित्सा सहायता प्राप्त करें तथा तत्काल ठंडी जगह पर जायें एवं शरीर का तापमान मापें। पानी या अन्य पेय पिये तथा शरीर का पुनर्जलीकरण करें। मांसपेशियों में दर्द या ऐंठन (विशेषत: पैर हाथ या पेट की मांसपेशियों में ऐठन) होने पर अथवा गर्मी में अधिक समय तक कसरत करने के बाद होने पर तत्काल ठंडे स्थान पर आराम करे। ओ.आर.एस. का सेवन करें। आवश्यकतानुसार चिकित्सा सहायता प्राप्त करें।
लू लगने पर निम्न लक्षण दिखाई देते है – जैसे गर्म लाल और सूखी त्वचा, मतली या उल्टी, बहुत तेज सिर दर्द, मांसपेशियों में कमजोरी या ऐठन, सांस फूलना या दिल की धड़कन तेज होना, घबराहट होना, चक्कर आना, बेहोशी और हल्का सिरदर्द होता है।
लू तापघात से प्रभावित व्यक्ति का प्राथमिक उपचार हमें निम्न तरीके से करना चाहिये जैसे रोगी को तुरंत छायादार जगह पर कपड़े ढीले कर लिटाकर हवा करें। रोगी के बेहोश होने की स्थिति में कोई भी भोज्य/पेय पदार्थ ना दे एवं तत्काल चिकित्सा सहायता प्राप्त करें। रोगी के होश में आने की दशा में उसे ठण्डे पेय पदार्थ जीवन रक्षक घोल, कच्चा आम का शर्वत (पना) आदि दें। रोगी के शरीर का ताप कम करने के लिये यदि संभव हो तो उसे ठण्डे पानी की पट्टियां रखकर पूरे शरीर को ढंक दें। इस प्रक्रिया को तब तक दोहरायें जब तक की शरीर का ताप कम नहीं हो जाता। इसके बाद भी लू से पीडित व्यक्ति की हालत में सुधार न हो तो उसे तुरन्त नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में लें जाये। सभी स्वास्थ्य संस्थाओं पर हीट वेव लू तापघात प्रबंधन हेतु ओ.आर.एस. कॉर्नर, आवश्यक दवाइयों तथा बेड आरक्षित किये गये हैं।

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