धर्ममध्यप्रदेशसिवनी
ब्रह्मचारी निर्विकल्प जी महाराज के श्रीमुख से शिव महिम्र स्त्रोत पर व्याख्यान 31 जुलाई से
सिवनी यशो:- हम सिवनी क्षेत्रवासियों को रामायण श्रीमद्भागवत श्रीमद्भगवद्गीता इत्यादि शास्त्रों का धर्मलाभ विविध शास्त्रों के मर्मज्ञ ब्रह्मलीन जगद्गुरु शंकराचार्य महाराज श्री के विशेष कृपा पात्र शिष्य पूज्यपाद् ब्रह्मचारी श्री निर्विकल्प स्वरूप जी महाराज श्री के द्वारा प्राप्त करने का सुअवसर प्राप्त होता है। सीता कथा, हनुमत्कथा, रासपञ्चाध्यायी का विशिष्ट व्याख्यान भी आपश्री के मुखारविन्द से श्रवण करने का सौभाग्य हमें प्राप्त हुआ है।
शास्त्रों में श्रावण मास को शिवाराधना के लिए विशेष महत्वपूर्ण कहा गया है शिवोपासना की अनेक विधियों का वर्णन शिव पुराण में वर्णित है। शिवभक्तों ने विविध स्तोत्रों के द्वारा शिवमहिमा का गान किया है। इन स्तोत्रों में पुष्पदन्त विरचित शिव महिम्न स्तोत्र भी प्रसिद्ध है। गीता परा भक्ति मण्डल द्वारा आगामी दिनांक 31 जुलाई से दिनांक 4 अगस्त तक पूज्यपाद् ब्रह्मचारी श्री निर्विकल्प स्वरूप के मुखारविन्द से शिव महिम्न स्तोत्र का पञ्चदिवसीय व्याख्यान आयोजित किया गया है। सभी शिवभक्तों से इस अभूतपूर्व स्वर्ण अवसर पर उपस्थित होकर धर्मलाभ ग्रहण करने के लिए आग्रह पूर्वक आमन्त्रण है। कार्यक्रम स्थल स्मृति लान बारापत्थर सिवनी एवं समय 3 बजे से 6 बजे तक।





