मध्यप्रदेश में शिक्षकों व कर्मचारियों के स्थानांतरण आवेदन 3 से 8 जून तक
e-HRMS पोर्टल पर होगी ऑनलाइन प्रक्रिया, गलत जानकारी देने पर होगी कार्रवाई
मध्यप्रदेश शिक्षक स्थानांतरण आवेदन 3 से 8 जून तक, e-HRMS पोर्टल पर प्रक्रिया शुरू
Bhopal 04 June 2026
भोपाल यशो:- जनजातीय कार्य एवं अनुसूचित जाति कल्याण विभाग द्वारा राज्य शासन की स्थानांतरण नीति 2026-27 के तहत शिक्षकों एवं कर्मचारियों के स्थानांतरण आवेदनों के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
विभागीय आदेश के अनुसार स्वैच्छिक स्थानांतरण के आवेदन 3 जून से 8 जून 2026 तक e-HRMS पोर्टल पर ऑनलाइन स्वीकार किए जाएंगे।
आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार आवेदक अधिकतम 15 कार्यालयों अथवा संस्थाओं का चयन कर सकेंगे।
आवेदन में दर्शाए गए कारणों के समर्थन में आवश्यक दस्तावेज पीडीएफ स्वरूप में अपलोड करना अनिवार्य होगा, जिनका अधिकतम आकार 2 एमबी निर्धारित किया गया है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि आवेदन एक बार सबमिट होने के बाद उसमें किसी भी प्रकार का संशोधन संभव नहीं होगा।
गलत जानकारी देने पर होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई
विभाग ने चेतावनी दी है कि आवेदन में गलत जानकारी देने या सत्यापन प्रक्रिया में अनियमितता पाए जाने पर संबंधित कर्मचारी एवं सत्यापन अधिकारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
पोर्टल पर प्रदर्शित रिक्तियां अस्थायी (टेंटेटिव) होंगी, जिन्हें समय-समय पर अपडेट किया जा सकेगा।
विषयवार रिक्तियों पर ही होंगे स्थानांतरण
माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षकों के स्थानांतरण केवल संबंधित विषय की रिक्तियों पर ही किए जाएंगे।
वहीं प्राथमिक, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षक संवर्ग के प्रशासनिक एवं स्वैच्छिक स्थानांतरण परिवीक्षा अवधि के दौरान नहीं किए जाएंगे।
अधिकारियों को 5 जून तक रिक्तियां अपडेट करने के निर्देश
जिला अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे 5 जून 2026 तक e-HRMS पोर्टल पर सभी रिक्त पदों की सही जानकारी दर्ज एवं सत्यापित करें।
रिक्तियों की एंट्री और सत्यापन की जिम्मेदारी संबंधित कार्यालय प्रमुख, डीडीओ एवं ऑफिस एडमिन की होगी।
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि केवल ऑनलाइन आवेदन करने मात्र से स्थानांतरण का अधिकार सुनिश्चित नहीं होगा।
आवेदनों को स्वीकार या अस्वीकार करने का अंतिम निर्णय मुख्यालय स्तर पर लिया जाएगा तथा शासन का निर्णय अंतिम माना जाएगा।
यह आदेश प्रदेश के जनजातीय कार्य एवं अनुसूचित जाति कल्याण विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों एवं शिक्षकों पर लागू होगा।



