धर्मसिवनी

भगवान शिव मनुष्य के अज्ञान ,अविद्या तथा दुखों का हरण करते हैं  – “निर्विकल्प स्वरूप जी”

   सिवनी यशो:- भगवान शिव की नगरी है सिवनी और भगवान शिव अज्ञान और अविद्या का हरण करते है । शिव की महिमा मन और वाणी से परे है। निष्काम शिव स्तुति से मन और वाणी पवित्र होते हैं ।
उक्त आशय के प्रवचन “अनंत श्री विभूषित जगतगुरु शंकराचार्य ब्रह्मलीन स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती जी महाराज” के विशेष कृपा पात्र शिष्य , “गीता मनीषी पूज्य ब्रह्मचारी श्री निर्विकल्प स्वरूप जी” के मुखारविंद से आज “गीता पराभक्तिक्त मंडल सिवनी” के तत्वाधान में आयोजित, स्मृति लान सिवनी में पांच दिवसीय शिव महिमा सत्संग महोत्सव के प्रथम दिवस पर नि:सृत हुए ।

पूज्य ब्रह्मचारी निर्विकल्प स्वरूप जी ने सत्संग प्रवचन माला की भूमिका सृजित करते हुए कहा कि, शुभ कार्य देश,काल, और स्थान को देखकर किया जाता है। देवभूमि भारतवर्ष में सिवनी की पुण्य भूमि में ,परम पवित्र मां बैनगंगा तथा इसके तट पर गुरुरत्न की प्राकट्य स्थली है । प्राचीन मठ मंदिर में आदि शंकराचार्य द्वारा पूजित शिवलिंग है। वेदों में वर्णित वैण्या गंगा( बैनगंगा )अपने उद्गम स्थल मुंडारा से प्रकट होकर सिवनी की परिक्रमा करते हुए, बालाघाट से भंडारा के आगे तक प्रवाहित है । इस दृष्टि से सिवनी वास्तव में शिव की नगरी है। इस पुण्य भूमि सिवनी में भगवान शिव के प्रिय श्रावण मास में, शिव महिमा सत्संग का आयोजन होना शिव और शिव स्वरूप गुरुरत्न की कृपा और आशीर्वाद का फल है। श्रावण मास में शिव महिमा के श्रवण से भक्ति और ज्ञान की प्राप्ति होती है ।

पूज्य ब्रह्मचारी जी ने शिव महिमा स्रोत की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि शिव स्त्रोत- गंधर्व राज पुष्पदंताचार्य द्वारा रचित है। जोकि सर्व विद्या संपन्न थे । इस महिमा स्रोत पर तुलसीदास जी के समकालीन महान संस्कृत आचार्य मधुसूदन सरस्वती जी ने टीका लिखा है ।
पूज्य ब्रह्मचारी जी ने शिव महिमा स्रोत प्रवचन माला में प्रवेश करते हुए ,इसके श्लोकों का अनुवय, अर्थ तथा सहज सरल भाषा में आध्यात्मिक व्याख्या करते हुए कहा कि, भगवान शिव की महिमा अपरंपार है। शिव स्तुति गान करने से मनुष्य के अज्ञान तथा अविद्या का हरण होता है । शिव की महिमा मनऔर वाणी को पवित्र करती है । कभी-कभी निष्काम भाव से भी कार्य कर लेना चाहिए । निष्काम कर्म से विचार और स्मृति निर्मल हो जाती है।

आज पहले दिन की प्रवचन माला में स्मृति लान सिवनी के प्रवचन पंडाल में, सैकड़ो शिव भक्त नर- नारी, गीता परा भक्ति मंडल के अध्यक्ष-विद्वान आचार्य पं.सनत कुमार उपाध्याय, की उपस्थिति विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। संयोजिका श्रीमती ममता- श्रीराम बघेल तथा पदाधिकारी ने समस्त शिव भक्तों से अगले 4 दिन तक प्रवचन श्रवण का पुण्य लाभ अर्जित करने का आवाहन किया है।
आचार्य पंडित सनत कुमार उपाध्याय जी ने जानकारी दिया कि जो भी श्रद्धालु जन पूज्य ब्रह्मचारी जी के दर्शन करने के इच्छुक हैं, कृपया भैरोगंज स्थित ,श्रीराम बघेल जी के निवास पर प्रतिदिन सुबह 11:00 से 12:00 से तक सादर आमंत्रित हैं।

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