विश्व आदिवासी दिवस पर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने दी शुभकामनाएं
छिन्दवाड़ा यशो:- आदिवासी समाज की सुरक्षा, अधिकारों की रक्षा, उनके भू अधिकारों को सुरक्षित करने व समाज के उत्थान में मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ व पूर्व सांसद नकुलनाथ का बड़ा योगदान है। मप्र के इतिहास में पहली दफा विश्व आदिवासी दिवस पर शासकीय अवकाश तात्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ ने घोषित किया था साथ ही उनके कार्यकाल में ही पूरे प्रदेश में हर्षोउल्लास के साथ विश्व आदिवासी दिवस मनाया गया। नेताद्वय ने नगर व जिलेवासियों को विश्व आदिवासी दिवस की हार्दिक शुभकामनायें प्रेषित की है। कमलनाथ ने विश्व आदिवासी दिवस की हृदय से शुभकामनायें देते हुये अपने शुभकामना संदेश में कहा कि आदिवासी समाज की उपलब्धियों एवं उनके योगदान को स्वीकारते हुये आदिवासी संस्कृति के उन्नयन एवं उसे विश्व के समक्ष लेकर आयें। श्री नाथ ने नगर व जिलेवासियों को पर्व की बधाई देते हुये कहा कि पूरे उल्लास व उत्साह से पर्व को मनायें एवं आदिवासी सभ्यता व संस्कृति से जुड़े सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन कर युवा पीढ़ी की भी सहभागिता सुनिश्चित करें।
आदिवासी समाज का समृद्ध व गौरवशाली इतिहास – नकुलनाथ
नकुलनाथ ने विश्व आदिवासी दिवस की जिलेवासियों को हार्दिक-हार्दिक शुभकामनायें देते हुये कहा कि आदिवासी समाज का समृद्ध व गौरवशाली इतिहास से युवा पीढ़ी को भी अवगत कराना नितांत आवश्यक है। उन्होंने छिन्दवाड़ा व पांढुर्ना जिलेवासियों को बधाई देते हुये कहा कि विश्व आदिवासी दिवस को सभी हर्षोल्लास व धूमधाम से मनायें। विदित हो कि आदिवासी समाज की भूमि को सुरक्षित करने के लिये कांग्रेस ने वह कानून लागू किया जिससे आज आदिवासियों की भूमि सुरक्षित है। गैर आदिवासियों को आदिवासी की भूमि खरीदने का अधिकार नहीं है। आदिवासी समाज के लिये आरक्षण भी कांग्रेस ने ही तय किया था।





