धर्ममध्यप्रदेशसिवनी
स्वास्थ्य लाभ की मनोकामना से किया गया सुदंरकांड एवं हनुमान चालीसा का पाठ
ज्वाला देवी सिद्ध पीठ में 56 वें सप्ताह सुंदरकांड एवं हनुमान चालीसा का भक्तिभाव से पाठ संपन्न
सिवनी यशो:- सिवनी नगर के उप नगरीय क्षेत्र भैरोगंज परतापुर रोड में स्थित श्री मां आदिशक्ति ज्वाला देवी सिद्ध पीठ मंदिर में लगातार 56 सप्ताह से युवाओं एवं मातृशक्ति द्वारा सास्वर भक्तिमय सुंदरकांड एवं हनुमान चालीसा का पाठ किया जा रहा है । सुंदरकांड एवं हनुमान चालीसा के पाठ बड़ी श्रद्धा और आस्था के किया जा रहा है । युवा एवं मातृशक्ति द्वारा किये जा रहे इस भक्ति पूर्ण आस्था के कार्यक्रम में स्वास्थ्य लाभ की मनोकामना से भी भक्तगण शामिल हो रहे है । 

सिद्ध देवी देवी पीठ ज्वाला देवी मंदिर में श्रद्धा एवं भक्ति के इस कार्यक्रम में अनेक जागरूकता के संदेशों के साथ भक्तगण अपनी मनोकामना पूर्ति के लिये सुंदरकांड एवं हनुमान चालीसा के पाठ में शामिल होते है । 56 वें सप्ताह में शानवी राजपूत ने शामिल होकर स्वास्थ्य लाभ की कामना से सुंदरकांड एवं हनुमान चालीसा के कार्यक्रम में शामिल हुई और वह कार्यक्रम में मुख्य यजमान रही । उन्होंने स्वयं एवं समस्त श्रद्धालुओं के स्वास्थ जीवन की कामना की ।
युवा एवं मातृशक्ति पूरे उत्साह के साथ 56 सप्ताह से प्रति शनिवार को शाम 6:00 बजे एकत्रित होकर भक्तिपूर्ण माहौल तैयार कर माता ज्वालादेवी के समक्ष संगीतमय सुंदरकांड एवं हनुमान चालीसा का पाठ करते है एवं इसके पश्चात महाआरती का आयोजन कर महाप्रसाद का वितरण किया जाता है । धार्मिक कार्य में इस प्रकार की नियमित्ता इस बात का स्पष्ट संकेत है कि युवाओं में समाज कल्याण का भाव तेजी से जागृत हो रहा है और आध्यात्म की ओर उनका झुकाव युवाओं को दिशा देने का क्रांतिकारी कदम है ।
मंदिर समिति के शुभम राजपूत ने बताया कि माता रानी के दरबार में निरंतर चल रहे इस आयोजन का भक्तिमय कार्यक्रम आगामी सप्ताह में नवरात्र पर्व होने से और भी अधिक भक्तिभाव से भरा रहा रहने वाला है और नवरात्र पर्व पर माता ज्वाला देवी की भक्तिमय आराधना का क्रम प्रारंभ हो रहा है । विश्व कल्याण की कामना से नवरात्र पर्व पर विशेष पूजन और धार्मिक आयोजन इस मंदिर परिसर में संपन्न होंगे । मंदिर समिति समस्त श्रद्धावान व्यक्तियों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थिती की अपील करती है । सिद्ध पीठ ज्वाला देवी मंदिर समिति द्वारा प्रति शनिवार होने वाले सुंदरकांड पाठ में मुख्य रूप से जो भी अपने नाम से पाठ कराना चाहता है, वह यजमान बनने के लिए मंदिर समिति से संपर्क कर सकता है।





