ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र और नियुक्ति को लेकर प्रभारी सीएमएचओ डॉ. नरेश गुन्नाडे पर गंभीर आरोप, जांच की मांग
भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रमेश पोफली ने कलेक्टर को सौंपा शिकायत पत्र
प्रभारी सीएमएचओ डॉ. नरेश गुन्नाडे पर ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र को लेकर गंभीर आरोप, जांच की मांग
Chhinwara 29 July 2026
छिंदवाड़ा यशो:- भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष रमेश पोफली ने जिले के प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. नरेश गुन्नाडे एवं उनके पुत्र डॉ. जीतेश गुन्नाडे के संबंध में गंभीर आरोप लगाते हुए कलेक्टर हरेन्द्र नारायण को लिखित शिकायत सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की है।
रमेश पोफली का आरोप है कि प्रभारी सीएमएचओ डॉ. नरेश गुन्नाडे अनुसूचित जनजाति (आदिवासी) वर्ग से संबंधित हैं, जबकि उनके पुत्र डॉ. जीतेश गुन्नाडे ने कथित रूप से सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) का प्रमाण पत्र प्राप्त कर पांढुर्ना जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सिराठा में चिकित्सक के पद पर नियुक्ति हासिल की है। शिकायत में इस प्रमाण पत्र की वैधता पर सवाल उठाते हुए इसकी जांच कराने की मांग की गई है।
करोड़ों की संपत्ति होने के बावजूद ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र लेने का आरोप
शिकायत में दावा किया गया है कि डॉ. नरेश गुन्नाडे के पास करोड़ों रुपये की संपत्ति है। इसके बावजूद कथित रूप से तत्कालीन तहसीलदार के समक्ष गलत जानकारी प्रस्तुत कर उनके पुत्र के लिए ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र बनवाया गया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि यदि यह प्रमाण पत्र नियमों के विपरीत जारी किया गया है तो इसकी विस्तृत जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जानी चाहिए।
कार्यप्रणाली पर भी उठाए सवाल
रमेश पोफली ने शिकायत में यह भी उल्लेख किया है कि डॉ. नरेश गुन्नाडे का स्थानांतरण हो चुका है, लेकिन उच्च न्यायालय से प्राप्त स्थगन आदेश (स्टे) के कारण वे अभी भी पद पर बने हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कारण प्रशासनिक कार्यप्रणाली प्रभावित हुई है तथा विभिन्न मामलों में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। शिकायत में “कप सिरप प्रकरण” का उल्लेख करते हुए भी उनकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए हैं।
निष्पक्ष जांच की मांग
पूर्व जिलाध्यक्ष रमेश पोफली ने कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराकर तथ्यों को सार्वजनिक करने तथा यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।
नोट: यह समाचार शिकायतकर्ता रमेश पोफली द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है। इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है तथा संबंधित पक्ष का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाना चाहिए।
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