सरस्वती शिशु उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में अभिभावक सम्मेलन संपन्न
मुख्य अतिथि सुजीत गोदरे प्रांतीय उपाध्यक्ष वाल्मीकि समाज मध्य प्रदेश रहें
बड़ी संख्या में रही अभिभावकों की उपस्थिति
अभिभावकों ने रखें अपने विचार, व्यक्त की शैक्षणिक कार्य से संतुष्टि
सिवनी यशो:- सिवनी नगर की प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्था सरस्वती शिशु उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में प्राथमिक कक्षाओं के अभिभावकों का सम्मेलन 26 अक्टूबर को आयोजित किया गया। सम्मेलन में सुजीत गोदरे, नितिन चौधरी, विनीत अग्रवाल , मनोज मर्दन त्रिवेदी, श्रीमती गोल्डी सोनी एवं प्राचार्य ओम प्रकाश यादव अतिथि के रूप में मंचासीन रहे।

आयोजन का शुभारंभ मां सरस्वती, मां भारती के समक्ष पूजा अर्चन, दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना से हुआ। मंचीय अतिथियों का स्वागत आचार्य परिवार द्वारा किया गया। आयोजन की प्रस्तावना पाली प्रभारी श्री प्रमोद सिंह सोलंकी ने देते हुए विद्यालय विकास में अभिभावकों के सहयोग को महत्वपूर्ण बताया। इसके उपरांत मुख्य अतिथि श्री सुजीत गोदरे ने भैया बहनों से सुंदर सपने देखते हुए उन्हें प्राप्त करने का प्रयत्न करने का आग्रह किया । विद्या भारती महाकोशल प्रांत के प्रादेशिक सहसचिव नितिन चौधरी ने शिशु मंदिर की अवधारणा, संपर्क योजना एवं छात्रों के विकास में अभिभावकों की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला । कोषाध्यक्ष मनोज मर्दन त्रिवेदी ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए बड़ी संख्या में उपस्थिति हुए अभिभावकों की उपस्थित पर प्रसन्नता व्यक्त की। जिला सचिव विनीत अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में विद्यालय विकास में अभिभावको से सहयोग की अपेक्षा की ।
अभिभावक सम्मेलन में बड़ी संख्या में उपस्थित अभिभावक बंधु-भगिनियों ने भी अपने विचार रखते हुए संस्कार युक्त, गुणवत्तापूर्ण, अच्छी शिक्षा देने के लिए विद्यालय के प्रति आभार व्यक्त किया। उपस्थित अभिभावकों में मुख्य रूप से विनोद कृष्ण मिश्रा, श्रीमती मीना बघेल, अरविंद मिश्रा,अविनाश अवधिया, श्रीमती श्वेता निम्जे, सुश्री छवि डेहरिया, श्रीमती वंदना सोनकेसरिया, कटरे दीदी एवं पारधी दीदी ने अपने विचार व्यक्त किये । अतिथि परिचय श्रीमती विभा परमार एवं कार्यक्रम का संचालन शिवांशु गठोरिया ने किया । अभिभावक सम्मेलन के उपरांत विद्यालय में विराजित मां भारती के समक्ष महा आरती का आयोजन किया गया । जिसमें विद्यालय के भैया बहिनों एवं समस्त अभिभावक बंधु भगिनी सहभागी हुए । मां भारती की आरती के उपरांत दीपोत्सव का आयोजन भी किया गया ।




