स्वामी नारायणानंद तीर्थ जी महाराज के सानिध्य में बैनगंगा तट पर अध्यात्मिक सत्संग तृतीय दिवस, यह संसार भगवान का एक सुंदर बगीचा है
सिवनी -11 नवंबर 2024
छपारा यशो:- छपारा के बैनगंगा तट पर स्थित गोल्डन टेंपल ; लक्ष्मी नारायण मंदिर के परिसर में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी नारायणानंद तीर्थ जी महाराज के पावन सानिध्य में चल रहे श्रीमद्भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ के तृतीय दिवस में उपस्थित भक्तों को सम्बोधित करते हुए महाराज जी ने भगवान के चौबीस अवतारों की कथा के साथ.साथ समुद्र मंथन की बहुत ही रोचक एवं सारगर्भित कथा सुनाते हुए कहा कि यह संसार भगवान का एक सुंदर बगीचा है। यहां चौरासी लाख योनियों के रूप में भिन्न. भिन्न प्रकार के फूल खिले हुए हैं। जब.जब कोई अपने गलत कर्मो द्वारा इस संसार रूपी भगवान के बगीचे को नुकसान पहुंचाने की चेष्टा करता है तब.तब भगवान इस धरा धाम पर अवतार लेकर सज्जनों का उद्धार और दुर्जनों का संघार किया करते हैं ।
समुद्र मंथन की कथा सुनाते हुए कहा कि मानव हृदय ही संसार सागर है। मनुष्य के अच्छे और बुरे विचार ही देवता और दानव के द्वारा किया जाने वाला मंथन है। कभी हमारे अंदर अच्छे विचारों का चितन मंथन चलता रहता है और कभी हमारे ही अंदर बुरे विचारों का चितन मंथन चलता रहता । जिसके अंदर के दानव जीत गया उसका जीवन दुरूखीए परेशान और कष्ट कठिनाइयों से भरा होगा और जिसके अंदर के देवता जीत गया उसका जीवन सुखीए संतुष्ट और भगवत प्रेम से भरा हुआ होगा । इसलिए हमेशा अपने विचारों पर पैनी नऽार रखते हुए बुरे विचारों को अच्छे विचारों से जीतते हुए अपने मानव जीवन को सुखमय एवं आनंद मय बनाना चाहिए । Óकथा के पूर्व काशी से पधारे पंडित शिवकेश द्विवेदी Óद्वारा पादुका पूजन मुख्य यजमान शिवकुमार शिवहरे सहपारिवार सहित विभिन्न क्षेत्रों से आये भक्तों द्वारा सम्पन्न हुई। कथा सुनने के लिए आस पास के लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है ।





