युवाओं को तबाह कर रहा नशे का कारोबार, कारोबार की गति के संकेत खतरनाक
समाज चुप रहा तो यह तबाही किसी की भी दहलीज पर दे सकती है दस्तक
Seoni 09 December 2024
सिवनी यशो:- जिले में नशे का कारोबार (drug trade) तेजी से अपने पैर पसार रहा है । नशे के कारोबार को रोकने के लिये जिम्मेदार चाहे जो दावे करें परंतु नशे के कारोबारियों पर उनका शिंकजा पकड़ नहीं बना पा रहा है और नशे के अनैतिक कारोबार से जुड़े तस्कर (smuggler) अपनी पैठ बढ़ाते जा रहे है ।
युवाओं और कम आयु के बच्चों में मादक पदार्थो का सेवन तेजी से बढ़ रहा है । जिस तेजी से यह नशा छोटे छोटे गांव तक अपने पैर पसार रहा है वह समाज के लिये गंभीर चिंता का विषय है। नशे की बढ़ रही यह प्रवृति रोकने में सरकारी तंत्र असफल है और समाज का प्रभावी असर भी नहीं है । नशा के कारोबारियों पर प्रभावी और कठोर कार्यवाही के लिये समाज को प्रशासन पर दबाव बनाने के साथ जागरूक रहने की आवश्यता को यदि नजनांदाज किया गया तो यह नशे का राक्षस किसी भी दिन आपकी दहलीज पर दस्तक दे सकता है ।
चरस, गांजा, अफीम का नशा पुरानी फैशन हो चुका है.अब स्मैक, हीरोइन जैसे मंहगे नशे तेजी से बढ़ रहे है । नशे के कारोबारियों के सबसे अच्छे ग्राहक युवा होते है और इन्हें अपने जाल में यह कारोबारी फंसाकर उनके जीवन को तबाह करने की इबारत लिखना प्रारंभ कर देते है । नई पीढ़ी के युवा तेजी से नशे की लत का शिकार हो रहे हैं। नशाखोरी का शिकार हो चुके युवा अपने साथ ही अपने परिवार के लिए भी मुसीबत बन रहे हैं। नशे की लत में पड़कर अपनी सेहत, शोहरत, पैसा और प्रतिष्ठा तक दांव पर लगाने को तैयार हैं। नशे की लत का शिकार होने वाले सर्वाधिक युवा हैं, जिनकी उम्र 18-35 साल है। कई युवाओं की इन बुरी आदतों के चलते उनका परिवार बर्बादी की कगार पर आ जाता है। अनेक युवा नशे की लत में पड़कर कर्ज में उलझ जाते है और यह कर्ज परिवार को तबाह करने के लिये काफी होता है ।
सिवनी नगरीय क्षेत्र के साथ ही जिले के अन्य क्षेत्रों में नशे का कारोबार तेजी से फैल रहा है । नशे के आदी युवाओ को नशीले पदार्थ सहजता से उपलब्ध हो रहे है और सिवनी नगरीय क्षेत्र के सूनसान क्षेत्र इस कारोबार और नशेडिय़ों के लिये बहुत उपयुक्त होते हुये दिख रहे है । नगर के हर वह मार्ग एवं स्थान जहाँ आवाजाही कम होती है वहाँ फुर्सत में बैठे हुये नशेड़ी अपने नशे का शौक पूरा करते हुये आसानी देखे जा सकते है । देर रात तक सूनसान क्षेत्र नशेडियों से आबाद तो रहते ही है दिन के समय भी मादक पदार्थो का सेवन करने वाले युवा और यहाँ तक स्कूली छात्र भी इन क्षेत्रों दिखाई देते है ।
स्कूली छात्रों के पालको को स्कूलों से समय समय पर इस बात की जानकारी लेना चाहिये कि उनका पुत्र स्कूल पहँुच रहा है या नहीं बच्चों की संदिग्ध गतिविधि हो तो विशेष रूप से सर्तक रहने की आवश्यकता है । ऐसे पालक जिनका बच्चा गांव से पढऩे के लिये सिवनी में कमरा लेकर रह रहा है उन पालको को हमेशा सर्तक रहना चाहिये नशे के कारोबारी ऐसे छात्रों को अपने जाल में फंसाने के लिये जाल फैलाते है । नई उम्र के युवाओं को जाल में फंसाने के लिये लड़कियों को माध्यम बनाने का सहारा भी अन्य स्थानों में प्रकाश में आया है सिवनी जिले में भी इसी प्रकार से जाल बिछाने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता ।
पुलिस को चकमा देने में इन तस्करों को या तो महारथ हासिल है या पुलिस इन कारोबारियों को किसी मजबूरी में छूट दिये हुये । जिम्मेदारों की यह अनैतिक कारोबारो को छूट युवा पीढि़ को बर्बाद करने का पाप तो कर ही रही है वर्दी का भरोसा भी तोड़ रहे है । पुलिस विभाग भले ही इस बात को स्वीकार न करे परंतु विभागीय कर्मचारी कार्यवाही न करने की जो मजबूरी होती है उससे मानसिक रूप से परेशान रहते है ।
इस बात की चर्चा अब जनसामान्य भी चौक चौराहों में करने से नहीं चूक रहा है कि सिवनी सहित प्रदेश के अनेक हिस्सों में नशे के कारोबार को सफेद पोशो का संरक्षण है और सफेदपोशो की दशहत में खाकी वर्दी मूक दर्शक बनी हुई है, जनसेवा देशभक्ति की कसमे खाने वाला महकमा मजबूरी हो गया है और युवा पीढि़ नशे की गिरफ्त मे पड़कर कर मौत की ओर बढ़ रही है ।






