धान उपार्जन केन्द्रों में किसानों का हो रहा शोषण, परिवहन में मनमानी
Seoni 02 January 2025
सिवनी यशो:- अन्नदाता किसान के लिये धरती का सीना चीर कर अन्न पैदा करना जितना मुश्किल नहीं होता उससे कहीं अधिक परेशानी और जिल्लत का सामना उसे अपनी उपज बेचने में होती है । किसानों की चिंता और किसानों के सम्मान की बात करने वाली सरकारे और जनप्रतिनिधि उस समय मूक दर्शक बन जाते है जब किसानों को शासकीय तंत्र के कर्मचारी अधिकारी और बिचौलिये नोंचने की नीयत से उन्हें परेशान और अपमानित करते है । किसानों की सुविधा के लिये सरकार द्वारा बनाये गये नियमों को ताक पर रखकर उनकी सुविधा के नाम पर भारी भ्रष्टाचार किया जाता है ।
वर्षो से समर्थन मूल्य पर किसानों की उपज खरीदी का कार्य हो रहा है जिसमें बड़ी अनियमित्ताएँ और किसानों का शोषण होना सामने आता है परंतु पूरा शासन और प्रशासन आज तक सुधार तो दूर की बात है अनियमित्ताओं और शोषण को कम करने में भी सफल नहीं हो पाया और यह हर वर्ष बढ़ते क्रम में ही नजर आता है । वर्तमान समय में सिवनी जिले में समर्थन मूल्य पर किसानों की धान खरीदी का कार्य चल रहा है जिसमें सात विभाग तैनात होने के साथ जिला प्रशासन के आला अधिकारी लगे हुये है परंतु धान उपार्जन के कार्य में व्यापक अनियमित्ताएँ बरती जा रही है और किसान अपनी उपज खरीदी केन्द्रों में तुलवाकर निश्चिंत भी नहीं हो रहा है जब तक उसकी उपज गोदामों नहीं पहुँच जायेगी उसे भुगतान प्राप्त नहीं होता और गोदामों में खरीदी केन्द्रो से उपज परिवहन करने के लिये जिन्हें जिम्मेदारी सौंपी गयी है वह परिवहन कत्र्ता पिछले वर्षो की तरह इस वर्ष भी केन्द्रो से समय पर उपज का परिवहन नहीं कर रहे है । बारिश की आशंका के बाद भी परिवहन की गति नहीं बढ़ रही है जिससे किसान भयभीत है और उसे उपज खराब होने का खतरा है ।
जानकारी के अनुसार परिवहन कत्र्ता खरीदी केन्द्रों से परिवहन के एवज में अतिरिक्त राशि की मांग करते है और जहाँ से अधिक राशि मिलती है वहीं की उपज का परिवहन करते है ।
खबासा, कुरई,मोहगांव गोपालगंज सहित अनेक केन्द्रों में उपार्जित धान का अंबार लगा हुआ है परंतु परिवहन कर्ता धान का उठाव नहीं कर रहा है । वहीं उपार्जन केन्द्रों में किसानों की धान की तौल दो किलो तक अधिक ली जा रही है । खवासा के महावेणु खरीदी केन्द्र में किसानों से निर्धारित तुलाई से प्रति चालीस किलों की बोरी में 42 किलो तक धान लिया जा रहा है । खरीदी केन्द्रों में किसानों को जो सुविधाएँ दी जाना चाहिये वे सुविधाएँ खरीदी केन्द्रों पर नदारत है । किसानों ने जिम्मेदार अधिकारियों से जाँच की मांग की है ।







