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हजारों श्रोताओं ने हास्य-व्यंग का लिया शानदार आनंद

सुगम मानस मंडल के कवि सम्मेलन में देशभर के कवियों ने बिखेरा शब्दों का जादू

Chhindwara Kavi Sammelan

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Chhindwara 05 March 2026

छिंदवाड़ा यशो:- होलिकात्सव के पावन अवसर पर आयोजित भव्य छिंदवाड़ा कवि सम्मेलन (Chhindwara Kavi Sammelan) में देशभर से आए कवियों ने अपनी हास्य-व्यंग्य रचनाओं से ऐसा समां बांधा कि हजारों श्रोता देर रात तक ठहाकों और तालियों से मैदान गुंजायमान करते रहे। बुधवार रात दशहरा मैदान में आयोजित इस सांस्कृतिक आयोजन में शहर सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और कवियों की प्रस्तुतियों का भरपूर आनंद लिया।

Chhindwara Kavi Sammelan कार्यक्रम का आयोजन श्री सुगम मानस मंडल द्वारा स्वर्गीय प्रतुलचंद द्विवेदी की स्मृति में किया गया। धुरेड़ी के दिन आयोजित होने वाला यह कवि सम्मेलन वर्षों से छिंदवाड़ा की प्रमुख सांस्कृतिक परंपरा बन चुका है और हर वर्ष बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी इसमें शामिल होते हैं।

Chhindwara Kavi Sammelan में मंच से हास्य-व्यंग प्रस्तुत करते कवि
दशहरा मैदान में आयोजित छिंदवाड़ा कवि सम्मेलन में कवियों की प्रस्तुति पर तालियों और ठहाकों से गूंजा मैदान

मंच से गूंजे हास्य और व्यंग के रंग

कवि सम्मेलन में देश के विभिन्न हिस्सों से आए प्रसिद्ध कवियों ने मंच संभाला और अपनी चुटीली रचनाओं से श्रोताओं को खूब हंसाया। कार्यक्रम में लखनऊ के वेदव्रत वाजपेयी, दौसा के संजय झाला, मुंबई के सुनील व्यास, कानपुर के जौहर कानपुरी, जयपुर के एकेश पार्थ, दिल्ली की डॉ. अना देहलवी तथा भोपाल के दीपक दनादन ने अपनी प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

तालियों और ठहाकों से गूंजता रहा दशहरा मैदान

हास्य-व्यंग के साथ-साथ श्रृंगार और सामाजिक सरोकारों पर आधारित कविताओं ने भी दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। कई प्रस्तुतियों के दौरान पूरा दशहरा मैदान तालियों की गड़गड़ाहट और ठहाकों से गूंज उठा। दर्शक देर रात तक डटे रहे और हर कविता पर खुलकर प्रतिक्रिया देते नजर आए।

Chhindwara Kavi Sammelan मंचीय अंदाज ने बढ़ाया कार्यक्रम का आकर्षण

कवियों की प्रभावशाली मंचीय शैली और चुटीले अंदाज ने कार्यक्रम को और भी रोचक बना दिया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक अजय पाण्डेय तथा कुलगुरु आई.पी. त्रिपाठी अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

कवि सम्मेलन ने न केवल साहित्य प्रेमियों को आनंदित किया, बल्कि शहर की सांस्कृतिक परंपरा को भी नई ऊर्जा प्रदान की।

https://www.prabhatkhabar.com/state/jharkhand/garhwa/dont-say-hindu-muslim-sikh-i-just-see-a-tricolor/amp

Dainikyashonnati

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