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शंकराचार्य स्वामी सदानंद जी सरस्वती का दो दिवसीय सिवनी प्रवास

शंकराचार्य जी का सिवनी आगमन: धर्म, संस्कृति और सनातन चेतना का ऐतिहासिक क्षण

शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती का दो दिवसीय सिवनी प्रवास

सिवनी यशो:-शंकराचार्य जी का दो दिवसीय सिवनी प्रवास जिले के धार्मिक इतिहास में एक निर्णायक और स्मरणीय क्षण के रूप में देखा जा रहा है।
शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती
20 जनवरी की रात्रि को
संतोष सहज आश्रम, सिवनी पहुंचेंगे,
जहां वे रात्रि विश्राम करेंगे।

21 और 22 जनवरी को शंकराचार्य जी आयोजन समितियों की बैठकों में भाग लेकर
द्वारकाधीश मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव
की तैयारियों और धार्मिक अनुष्ठानों का प्रत्यक्ष मार्गदर्शन करेंगे।

विशेष सूचना: पूज्य शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती जी आयोजन को और अधिक भव्यता प्रदान करने के उद्देश्य से
21 जनवरी को प्रातः 11 बजे मातृशक्ति की विशेष बैठक लेंगे, जिसमें वे मातृशक्ति के सुझाव प्राप्त कर अपना आशीर्वाद प्रदान करेंगे।
इसी क्रम में 22 जनवरी को प्रातः 11 बजे पूज्य शंकराचार्य जी समस्त शिष्यों एवं श्रद्धालुओं की बैठक लेकर आयोजन से संबंधित मार्गदर्शन देंगे।

शंकराचार्य जी के आगमन को लेकर सिवनी सहित पूरे अंचल में धार्मिक चेतना और उत्साह का वातावरण बन गया है।

21 से 28 फरवरी तक सीलादेही शंकराचार्य आश्रम में राष्ट्रीय स्तर का दिव्य आयोजन

सीलादेही स्थित शंकराचार्य आश्रम परिसर में
21 से 28 फरवरी तक आयोजित होने वाला
द्वारकाधीश मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव
राष्ट्रीय स्तर का भव्य धार्मिक आयोजन होगा।

इस ऐतिहासिक समारोह में देश के विभिन्न राज्यों से

संत-महात्मा, धर्माचार्य, विद्वान और विशिष्ट अतिथि

शामिल होंगे।

आयोजन को सनातन संस्कृति, आध्यात्मिक अनुशासन और भारतीय दर्शन की गरिमा से जोड़ते हुए भव्य रूप दिया जा रहा है।

प्राण प्रतिष्ठा की हर विधि पर शंकराचार्य का प्रत्यक्ष मार्गदर्शन

आयोजन समिति के अनुसार
शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती

प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव की धार्मिक शुद्धता,

वैदिक विधि-विधान, आयोजन की समय-सीमा और अनुशासन को लेकर दिशा-निर्देश देंगे।

उनका मार्गदर्शन आयोजन को केवल भव्य नहीं, बल्कि शास्त्रसम्मत और आध्यात्मिक रूप से सिद्ध बनाएगा।

जनसहभागिता से बनेगा सिवनी का ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन

आयोजन समिति ने स्पष्ट किया है कि इस महोत्सव की सफलता में
जनसहभागिता की भूमिका निर्णायक होगी।

जिलेभर से श्रद्धालुओं, सामाजिक संगठनों और समिति स्वयंसेवकों की सहभागिता सुनिश्चित की जा रही है।

भागवत कथा, भंडारा, मेला और स्वास्थ्य शिविर होंगे आकर्षण

21 फरवरी से प्रारंभ होकर 28 फरवरी तक चलने वाले इस महोत्सव में —

  • वैदिक प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान
  • श्रीमद् भागवत कथा
  • विशाल धार्मिक मेला एवं प्रदर्शनी
  • सांस्कृतिक कार्यक्रम
  • नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर
  • विशाल भंडारे

जैसे अनेक आयोजन प्रस्तावित हैं, जिससे यह आयोजन धार्मिक के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों से भी जुड़ा रहेगा।

शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती का सिवनी प्रवास और उनका मार्गदर्शन इस आयोजन को साधारण कार्यक्रम से उठाकर
राष्ट्रीय पहचान वाला सनातन महोत्सव बना देगा।

https://www.youtube.com/watch?v=TZv48mIY5XA

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