सनातनी नववर्ष 19 मार्च से प्रारंभ, चैत्र (वासन्ती) नवरात्रि भी इसी दिन से शुरू
तिथि को लेकर बना भ्रम हुआ दूर, ज्योतिषाचार्य पं. राजेन्द्र मिश्र ने दी स्पष्ट जानकारी
सनातनी नववर्ष 2026

Seoni 18 March 2026
सिवनी यशो :-
✔️ 19 मार्च से विक्रम संवत 2083 प्रारंभ
✔️ चैत्र (वासन्ती) नवरात्रि का शुभारंभ
✔️ तिथि गणना के कारण बना था भ्रम
चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से प्रारंभ होने वाला सनातन धर्म का नववर्ष इस वर्ष तिथि गणना के कारण चर्चा में रहा।
नवसंवत्सर और नवरात्रि के प्रारंभ को लेकर 19 और 20 मार्च के बीच भ्रम की स्थिति बनी हुई थी।
क्यों बना तिथि को लेकर भ्रम?
19 मार्च को सूर्योदय के समय लगभग 40 मिनट तक अमावस्या तिथि विद्यमान रही,
जिसके बाद प्रतिपदा तिथि प्रारंभ हुई। इसी कारण कुछ विद्वान 20 मार्च को प्रारंभ मानते हैं।
जबकि अन्य मत के अनुसार 19 मार्च की रात्रि में ही प्रतिपदा क्षय होकर द्वितीया प्रारंभ हो जाती है,
इसलिए 19 मार्च को ही नवसंवत्सर मान्य है।
19 मार्च से ही नवसंवत्सर
ज्योतिषाचार्य पं. राजेन्द्र मिश्र के अनुसार इस वर्ष विक्रम संवत 2083 का प्रारंभ
19 मार्च, गुरुवार से होगा। संवत्सर का नाम ‘रौद्र’ रहेगा।
- राजा – मंगल
- मंत्री – गुरु
धार्मिक महत्व
- इसी दिन ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना की
- भगवान श्रीराम का राज्याभिषेक
- युधिष्ठिर का राज्याभिषेक
- मां दुर्गा की उपासना (नवरात्रि) प्रारंभ
चैत्र (वासन्ती) नवरात्रि
नवरात्रि का अर्थ नौ तिथियों की रात्रि होता है। यह 8 या 10 दिनों में भी पूर्ण हो सकती है।
इस वर्ष नवरात्रि का शुभारंभ 19 मार्च से माना गया है।
ऐसे मनाएं सनातनी नववर्ष 2026
- घर की साफ-सफाई व सजावट करें
- कलश स्थापना व देवी पूजन करें
- नए वस्त्र धारण करें
- गुरुजनों का आशीर्वाद लें
- नीम, काली मिर्च, अजवाइन का सेवन करें
ग्रह-नक्षत्र स्थिति
- प्रवेश मीन लग्न में
- गुरु 20 मई को कर्क राशि में प्रवेश
- शनि पूरे वर्ष मीन राशि में
- राहु 3 दिसंबर को मकर में प्रवेश
- केतु कर्क राशि में गोचर
इस प्रकार 19 मार्च से सनातनी नववर्ष 2026 और चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ माना जाएगा,
जो सभी के लिए सुख, समृद्धि और आरोग्य का संदेश लेकर आएगा।





