सिवनी में गूंजा ‘गौ सम्मान’ आंदोलन: गौवंश को ‘राष्ट्रमाता’ बनाने की उठी मांग
तहसीलदार के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल व मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन, बड़ी संख्या में गौ-सेवक शामिल
गौ सम्मान अभियान सिवनी : गोवंश को राष्ट्रमाता बनाने की मांग
सिवनी में ‘गौ सम्मान’ अब आंदोलन बन चुका है—और इसकी गूंज सीधे सत्ता तक पहुंच रही है।
‘गोवंश को राष्ट्रमाता’ बनाने की मांग ने प्रशासनिक गलियारों में दबाव बढ़ा दिया है।
गौ सेवक अब गांव-गांव जाकर हस्ताक्षर अभियान चला रहे हैं, जिससे यह मुहिम तेजी से जनआंदोलन का रूप लेती जा रही है।
Seoni 28 April 2026
सिवनी यशो :- ‘गौ सम्मान आवाह्न अभियान’ के तहत जिले में जनसमर्थन के साथ बड़ा आंदोलन उभरा। गौ-सेवकों और नागरिकों ने गोवंश संरक्षण के मुद्दे पर आवाज बुलंद करते हुए तहसीलदार के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में गौवंश के संरक्षण, संवर्धन और वध पर पूर्ण प्रतिबंध के लिए कठोर कानून बनाने तथा गौवंश को “राष्ट्रमाता” का संवैधानिक दर्जा देने की मांग की गई है।
ज्ञापन के प्रमुख मुद्दे
- गौ-तस्करी और अवैध वध पर सख्त कार्रवाई
- सड़कों पर दुर्घटनाओं में बढ़ती मौतें
- पॉलिथीन खाने से गौवंश की स्थिति गंभीर
- ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर सीधा असर
ज्ञापन में दावा किया गया कि स्वतंत्रता के समय प्रति व्यक्ति 10 गौवंश उपलब्ध था, जो अब घटकर 10 व्यक्तियों पर 1 तक पहुंच गया है—इसे गंभीर संकट का संकेत बताया गया।
सरकार से प्रमुख मांगें
- गौवंश संरक्षण हेतु केंद्रीय कानून लागू किया जाए
- गौवंश को “राष्ट्रमाता” घोषित किया जाए
- गौ-तस्करी को गैर-जमानती अपराध बनाया जाए
- हर पंचायत में नंदीशाला और जिला स्तर पर गौ-अभ्यारण्य
- गौ-आधारित कृषि और पंचगव्य को बढ़ावा
कार्यक्रम में शामिल प्रमुख लोग
अभियान के जिला संरक्षक धनराज मानाठाकुर, उपसंरक्षक पिंकेश विश्वकर्मा, गुरु श्रीवास, अभय शर्मा, कान्हा श्रीवास, गोविंद प्रसाद अवस्थी सहित बड़ी संख्या में गौ-सेवक उपस्थित रहे। हिन्दू सेवा परिषद के जिला अध्यक्ष शुभम मेहरा, महामंत्री स्वयं तिवारी एवं बड़ी संख्या में मातृशक्ति और नागरिक भी शामिल हुए।
“जय गौ माता, जय गोपाल” के नारों से पूरा माहौल गुंजायमान रहा।
यह ज्ञापन केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि गौवंश संरक्षण को लेकर बढ़ती जनचेतना और सरकार पर बढ़ते दबाव का संकेत है।





