सीएम डॉ. मोहन यादव ने महिला कर्मयोगी बहनों को बांटीं नि:शुल्क ई-साइकिलें
उज्जैन में 40 महिलाओं को मिला उपहार, बोले- वैश्विक ऊर्जा संकट में ईवी सबसे बेहतर विकल्प

सीएम मोहन यादव ई साइकिल वितरण – उज्जैन में सीएम मोहन यादव ने 40 महिलाओं को बांटीं फ्री ई-साइकिलें, बोले- EV है भविष्य का सबसे अच्छा विकल्प
Bhopal 26 May 2026
भोपाल/उज्जैन। मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने मंगलवार को उज्जैन में महिला कर्मयोगी बहनों को नि:शुल्क ई-साइकिलें वितरित कीं। सीएसआर फंड के माध्यम से उज्जैन जिला प्रशासन द्वारा 40 ई-साइकिलें उपलब्ध कराई गईं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में देश निरंतर प्रगति कर रहा है और मध्यप्रदेश सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की माताएं और बहनें जीवन में सुख, समृद्धि और आत्मनिर्भरता प्राप्त करें, यही सरकार का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि बढ़ती ईंधन कीमतों और वैश्विक ऊर्जा संकट के दौर में इलेक्ट्रिक वाहन सबसे बेहतर विकल्प बनकर उभरे हैं।

ई-साइकिलें महिलाओं को देंगी नई शक्ति
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नि:शुल्क ई-साइकिलों से महिला कर्मयोगी बहनों को आवागमन में सुविधा मिलेगी और उनके समय व आर्थिक संसाधनों की बचत होगी। उन्होंने ई-साइकिल उपलब्ध कराने वाली कंपनी के प्रयासों की सराहना करते हुए लाभार्थी महिलाओं को शुभकामनाएं दीं।
जल गंगा संरक्षण महाभियान पर भी किया प्रकाश
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार जल संरक्षण के क्षेत्र में लगातार तीसरे वर्ष व्यापक स्तर पर कार्य कर रही है। जल गंगा संरक्षण महाभियान के तहत गुड़ी पड़वा से 30 जून तक लगभग 10 हजार करोड़ रुपये की लागत से दो लाख से अधिक कार्य किए जा रहे हैं।

इन कार्यों में नदियों, तालाबों, पोखरों, कुओं और बावड़ियों के जीर्णोद्धार के साथ-साथ प्रमुख नदियों के उद्गम स्थलों पर विशेष संरक्षण गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के क्षेत्र में मध्यप्रदेश को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है, जो प्रदेशवासियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।
भोजशाला के फैसले का सभी वर्गों ने किया सम्मान
मुख्यमंत्री ने कहा कि धार स्थित Bhojshala में गंगा दशहरा उत्सव धूमधाम से मनाया गया। उन्होंने कहा कि भोजशाला को लेकर आए न्यायालय के निर्णय का हिंदू, मुस्लिम सहित सभी वर्गों ने सम्मान किया है।
उन्होंने कहा कि मतभेद हो सकते हैं, लेकिन न्यायालय का निर्णय सर्वोपरि होता है और राज्य सरकार न्यायालय के आदेशों का सफलतापूर्वक पालन सुनिश्चित कर रही है।



